
Udaipur News: प्रदेश भर में वर्तमान में सरकार पुराने और जर्जर हो चले सरकारी स्कलों की सर्जरी करने की प्रक्रिया में है, ऐसे में कई जिलों में बच्चों की पढ़ाई का नुकसान भी हो रहा है और उनको परेशानी भी उठानी पड़ रही है। इन तमाम प्रक्रिया के बीच राजस्थान के उदयपुर जिले में रहने वाले एक शख्स ने अनोखा काम किया है। जर्जर होने के कारण गांव के स्कूल को जब बंद कर दिया गया तो प्रकाश मीणा नाम के व्यक्ति ने अपना घर स्कूल संचालन के लिए दे दिया। उनके घर में उनके आठ बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य हैं, उसके बाद भी उन्होंने इतना बड़ा कदम उठाया है। उनके इस काम की सभी जगह पर तारीफ हो रही है।
दरअसल उदयपुर जिले के ऋषभदेव ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय नलाफला का भवन जर्जर होने के कारण सरकार ने इसे आगामी आदेशों तक बंद करा दिया। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी और स्थानीय प्रशासन नए विकल्प तलाश कर रहा था। कुछ अभिभावकों से भी स्कूल संचालकों ने बात की लेकिन वे तैयार नहीं हो सके। इस बीच स्कूल से करीब तीन सौ मीटर की दूरी पर रहने वाले प्रकाश मीणा को इसकी जानकारी मिली तो वे सहर्ष तैयार हो गए।
प्रकाश ने स्कूल संचालिका को इस बारे में बताया और बाद में बात सरपंच तक पहुंची। प्रक्रिया पूरी करने के बाद विद्यालय भवन को प्रकाश के घर में शुरू करने की तैयारी की जा रही है। उल्लेखनीय है कि प्रकाश मीणा अपनी पांच बेटियों, तीन बेटों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घर में ही रहते हैं। लेकिन अब घर के अधिकतर हिस्से को स्कूल बना दिया गया है। उन्होंने बकायदा अपने घर को स्कूल बनाने का काम शुरू कर दिया है। उनके इस प्रयास से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान होने से बच जाएगा। विद्यालय प्रशासन, सरपंच और गांव के अन्य लोगों ने इस काम के लिए प्रकाश मीणा का अभिवादन किया है।