26 वर्षीय एक महिला आठ साल की बेटी को साथ लेकर उदयपुर से बड़ी सादड़ी जा रही ट्रेन के आगे लेट गई। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए तो महिला और उसकी बेटी की जान बच गई।
उदयपुर। शहर में कुम्हारों का भट्टा के पास 26 वर्षीय एक महिला आठ साल की बेटी को साथ लेकर उदयपुर से बड़ी सादड़ी जा रही ट्रेन के आगे लेट गई। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए तो महिला और उसकी बेटी की जान बच गई। रेलकर्मियों ने गंभीर घायल मां-बेटी को एमबी अस्पताल पहुंचाया। लिव-इन रिलेशन में रहते हुए भी उसके साथी पुरुष ने उसे साथ रखने से इनकार कर दिया था।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार सुबह 10.30 बजे सिटी रेलवे स्टेशन से बड़ीसादड़ी के लिए ट्रेन रवाना हुई थी। स्टेशन से रवाना होने के करीब 10 मिनट बाद ट्रेन लगभग कुम्हारों का भट्टा क्षेत्र से गुजर रही थी। इस दौरान एक महिला बेटी को साथ लेकर ट्रेन के आगे लेट गई। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। मां-बेटी घायल हो गई, लेकिन गनीमत रही कि उनकी जान बच गई। रेलकर्मियों ने दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के बाद एमबी हॉस्पिटल पहुंचाया।
मूलत: बाघपुरा थाना क्षेत्र के गोरण हाल कुम्हारों का भट्टा निवासी महिला ने बताया कि करीब 4 साल पहले उसके पति की मौत होने के बाद वह पीहर में रह रही थी। इसी दौरान जोधपुर निवासी युवक गणेश से संपर्क हो गया। वह उदयपुर में किराये के कमरे में रहने लगी। युवक बेंगलूरु में फाइनेंस संबंधी कार्य करता है और यदाकदा उदयपुर आकर महिला से मिलता रहा है। वह महिला को साथ नहीं ले जाता, इस बात को लेकर दोनों के बीच फोन पर अक्सर झगड़ा होता है। मंगलवार को भी झगड़े के बाद महिला ने खुदकुशी का प्रयास किया।