MP News: प्रोजेक्ट को लेकर बताया कि नया फोरलेन हाईवे इंदौर से उज्जैन की दूरी को घटाकर 48 किमी. कर देगा।
MP News: साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ अंतर्गत इंदौर- उज्जैन के बीच सड़क मार्ग के एक और विकल्प के रूप में ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। इसे सिंहस्थ से पहले बनाने की योजना है ताकि सिंहस्थ के दौरान आने वालों को इसका लाभ मिल सके। सोमवार को संभागायुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने एमपीआरडीसी अधिकारियों के साथ चंद्रावतीगंज पहुंचकर इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का निरीक्षण किया।
संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि साप्ताहिक लक्ष्य के साथ कार्य तेज गति से किया जाए। सिंह ने कहा, योजना को शीघ्र पूर्ण करने का लक्ष्य रखें ताकि 2028 में आयोजित होने वाले विश्वस्तरीय सिंहस्थ महापर्व से पहले इस 48.10 किलोमीटर लंबे फोरलेन हाईवे का निर्माण समय पर पूरा किया जा सके।
प्रोजेक्ट को लेकर बताया कि नया फोरलेन हाईवे इंदौर से उज्जैन की दूरी को घटाकर 48 किमी. कर देगा। इससे यात्रा का समय घटकर मात्र 30-35 मिनट रह जाएगा। किसानों की मांगों को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे 'एलिवेटेड' के बजाय 'जमीनी स्तर' पर बनाने का निर्णय लिया है। अब यह नॉन- एक्सेस कंट्रोल सड़क होगी, जिस पर कहीं से भी एंट्री-एग्जिट हो सकेगी। परियोजना के लिए 175 हेक्टेयर से अधिक निजी जमीन अधिगृहीत की जा रही है, जिसमें इंदौर और उज्जैन के करीब 28 गांवों की जमीन शामिल है। मार्ग से एयरपोर्ट आकर उज्जैन जाने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
वहीं एमपी के ग्वालियर शहर में संकरी गलियों और ट्रैफिक जाम की समस्या अब धीरे-धीरे इतिहास बन रही है। मास्टर प्लान 2035 सिर्फ एक नक्शा नहीं, बल्कि ग्वालियर के भविष्य का पूरा ब्लूप्रिंट है। इसके तहत शहर में सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से शुरू हो चुका है। अतिक्रमण हटाकर रास्ते साफ किए जा रहे हैं, जिससे व्यवस्थित कॉलोनियां, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक शहर की नींव पड़ रही है। शहर के कई व्यस्त मार्गों पर काम जोरों पर है। प्रमुख सड़कें चौड़ी हो रही हैं, जिससे ट्रैफिक दबाव कम होगा और आवागमन आसान बनेगा।
मनमर्जी से निर्माण पर रोक लग जाएगी। सभी भवन तय मानकों के अनुसार बनेंगे। परिणामस्वरूप शहर में मकान एक सीध में व्यवस्थित दिखाई देंगे और अव्यवस्थित निर्माण की समस्या खत्म हो जाएगी। केंद्र और राज्य सरकार की विशेष योजनाओं के तहत शहर की सभी प्रमुख सड़कें चौड़ी की जाएंगी। जोनल प्लान और मेट्रोपॉलिटन प्लान लागू होने से भी सड़क चौड़ीकरण को गति मिलेगी। फिलहाल 500 करोड़ रुपये की लागत से तीनों विधानसभा क्षेत्रों में सड़क चौड़ीकरण का काम होगा।