
उज्जैन/ मध्य प्रदेश के उज्जैन के नानाखेड़ा बस स्टैंड पर खड़ी सात बसों में आज सुबह भीषण आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि, उसपर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियों की मदद लेनी पड़ी। हालांकि, जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक आग की चपेट में आई बसें पूरी तरह खाक हो चुकी थीं। मामले की जांच में जुटी पुलिस को आशंका है कि, बसों में आग लगाने के लिए पेट्रोल का इस्तेमाल किया गया है। यानी साफ है कि, अगर आग लगाने में पेट्रोल का इस्तेमाल किया गया है तो, ये किसी के द्वारा लगाई गई है।
अब सिर्फ बचा है बसों का ढांचा
बता दें कि, लॉक डाउन के चलते लगभग बसों की आवाजाही बंद है। उज्जैन के नानाखेड़ा बस स्टैंड से चलने वाली इंटर स्टेट बसें करीब ढाई महीने से बंद खड़ी हैं। पुलिस को आशंका है कि,गुरुवार सुबह किसी अज्ञात बदमाश ने इन बसों में आग लगाई है। आग लगते ही तेजी से उसने बसों को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते 7 बसें पूरी तरह आग की चपेट में आ गईं। आग इतनी भीषण थी कि, उसके धूंए को कई किलोमीटर से साफतौर पर आसमान पर देखा जा सकता था। देखते ही देखते बसें आग की लपटों से जलकर खाक हो गईं। दमकल द्वारा आग बुझाए जाने के बाद सिर्फ बसों का ढांचा ही बचा है।
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पुलिस को आगजनी की आशंका
उज्जैन में रात में हल्की-फुल्की बारिश हुई थी। आग बुझाने आए फायर ब्रिगेड कर्मियों का कहना है अगर बारिश के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ होता तो एक बस में आग लगती। लेकिन जिस तरह से एक साथ बसें जली हैं उससे स्पष्ट लगता है कि ये आग लगाई गई है। पुलिस भी अब तक की अपनी तफ्तीश में यही मान रही है। हालांकि, मामले की जांच की जा रही है। घटना के समय बस स्टैंड पर सुरक्षाकर्मी या पुलिस जवान मौजूद नहीं थे। बस स्टैंड से नानाखेड़ा थाना मात्र 100 कदम की दूरी पर है, अगर आग किसी के द्वारा लगाई गई है तो, उस वक्त गश्त पर तैनात पुलिसकर्मी कहां थे। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।