
उज्जैन. अफगानिस्तान में रह रहे हिन्दुस्तानी तालिबानियों के आतंक के सबसे ज्यादा शिकार हुए हैं. तालिबान ने वहां रह रहे कई हिंदू-सिख परिवारों को तबाह कर दिया है. कई लोग बर्बाद हो चुके हैं, कई बच्चे अपने माता-पिता से बिछड़ गए हैं. ऐसे बच्चों की परवरिश के लिए एक समाजसेवी और उनके संगठन आगे आए हैं.
अफगानिस्तान के हालात बेहद खराब हैं. इन हालातों में बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. अफगानिस्तान के ऐसे पीड़ित परिवारों और खासतौर पर उनके बच्चों के लिए एक अच्छी खबर आई है. अफगानिस्तान छोड़कर आनेवाले हिन्दुस्तानियों के अनाथ बच्चों की पूरी परवरिश निशुल्क की जाने की व्यवस्था की जा रही है.
जिले के नागदा के समाजसेवी मनोज राठी ने घोषणा की है कि उनकी देखभाल, अध्ययन की पूरी व्यवस्था की जाएगी. ऐसे बच्चों के हिन्दुस्तान आने पर उनके रहने-खाने से लेकर पढ़ाई तक का पूरा खर्च मोहन श्री फाउंडेशन उठाएगा.
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समाजसेवी मनोज राठी ने इतना तक कहा कि तालिबान के कारण देश छोड़कर आनेवाले अफगानी नागरिकों और उनके बच्चों की भी देखभाल की जाएगी. अनाथ बच्चों की 21 साल तक की उम्र तक वे पूरी परवरिश करेंगे.
समाज सेवी मनोज राठी गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए मुफ्त मोहन श्री विद्यापीठ स्कूल चलाते हैं. यहां करीब 350 बच्चे अध्ययन कर रहे हैं. कोरोना काल में बेरोजगार हुए लोगों की उन्होंने बहुत मदद की है.