उज्जैन

‘कैंसर से दुनिया छोड़ गया जवान बेटा…’, सूनी नहीं होने दी बहू की मांग, एमपी में अनोखी शादी

Ujjain news: कैंसर से बेटे की मौत के बाद ससुर ने बहु की कराई दूसरी शादी। दुल्हन प्रियंका के पिता बोले- कल्पना नहीं की थी समधी इतने प्यार से बेटी को विदा करेंगे....
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Jul 09, 2026
Daughter In Law Remarriage: बहू से बेटी बन विदा हुई प्रियंका (Photo Source - Patrika)
Daughter In Law Remarriage: बहू से बेटी बन विदा हुई प्रियंका (Photo Source - Patrika)

Ujjain Daughter In Law Remarriage: मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में एक परिवार ने रिश्तों की संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की अनूठी मिसाल पेश की है। जिले के जैथल गांव में दिल को छू जाने वाली कहानी देखने को मिली। यहां बेटे की मौत के बाद एक ससुर ने अपनी बहू को बेटी का दर्जा देते हुए सम्मानपूर्वक पुनर्विवाह कराया और पिता की भूमिका निभाते हुए स्वयं कन्यादान किया।

बहू बनाकर लाया था, बेटी बनाकर विदा करूंगा

जैथल गांव निवासी दिनेश वैरागी के पुत्र कपिल का विवाह कम उम्र में प्रियंका से हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद कपिल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हो गए। परिवार ने उनके उपचार में हरसंभव प्रयास किए, लेकिन वर्ष 2023 में उनका निधन हो गया। बेटे की मृत्यु के बाद पूरा परिवार शोक में डूब गया और प्रियंका का भविष्य भी अनिश्चित हो गया। ऐसे कठिन समय में दिनेश वैरागी ने समाज के सामने एक नई मिसाल पेश करते हुए कहा, "बहू बनाकर लाया था, बेटी बनाकर विदा करूंगा।" उन्होंने इस संकल्प को केवल शब्दों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे साकार भी किया।

बहू का लिया कन्यादान

परिवार की सहमति से प्रियंका के लिए योग्य वर की तलाश शुरू की गई। बाद में विदिशा जिले के अटारीखेड़ी निवासी गोविंद, जो खंडवा में कार्यरत है, से रिश्ता तय किया गया। दोनों परिवारों की सहमति के बाद भोपाल स्थित एक रिसॉर्ट में पूरे रीति रिवाज और सम्मान के साथ विवाह संपन्न हुआ। विवाह समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब दिनेश वैरागी ने प्रियंका को अपनी बेटी मानते हुए उसका कन्यादान भी स्वयं किया। उन्होंने विवाह का पूरा खर्च भी खुद ही उठाया। इस भावुक दृश्य ने समारोह में उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।

हम पूरे परिवार ने निर्णय लिया कि इसका पुनर्विवाह करवाया जाए। हमने इसका कन्यादान किया है। उसकी जिंदगी बहुत बड़ी थी।- दिनेश वैरागी, प्रियंका के ससुर

पिता और ग्रामीणों ने की सराहाना

प्रियंका के पिता रामबाबू ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि कोई समधी उनकी बेटी को इतना सम्मान देगा और उसे अपनी बेटी मानकर पूरे सम्मान के साथ विदा करेगा। यह घटना केवल एक पुनर्विवाह नहीं, बल्कि समाज के लिए सकारात्मक सोच और मानवीय संवेदनाओं का संदेश है। यह मिसाल बताती है कि विश्वास, सम्मान और अपनत्व से भी रिश्ते केवल खून से नहीं, बल्कि मजबूत बनते हैं।

ये हैं प्रमुख बिंदू

-एमपी मे ससुर ने बहू को बेटी की तरह भेजा ससुराल
-बेटे की कैंसर से मौत के बाद कराई दूसरी शादी
-भोपाल के रिसॉर्ट में हुई शादी
-ससुर दिनेश वैरागी ने किया कन्यादान

Updated on:
09 Jul 2026 12:27 pm
Published on:
09 Jul 2026 11:52 am