Mp news: खगोलीय घटना को वेधशाला के शंकु यंत्र और नाड़ीवलय यंत्र के जरिए देखा जा सकेगा।
Mp news: खगोलीय घटना के कारण 20 मार्च यानि आज दिन और रात बराबर 12-12 घंटे के होंगे। इसके बाद धीरे-धीरे दिन बड़े होंगे और रातें छोटी। सूर्य की किरणों के लंबवत पड़ने से तापमान भी बढ़ेगा। पराबैंगनी किरणें अधिक प्रभावी होंगी। इसका त्वचा पर असर पड़ सकता है। जीवाजी वेधशाला अधीक्षक डॉ. आरपी गुप्त के अनुसार, इस दिन सूर्य विषुवत रेखा पर लंबवत होगा। इसे वसंत संपात कहते हैं।
आज दोपहर 3.30 बजे सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेगा। स्थिति (क्रांति) शून्य अंश, 11 कला उत्तर रहेगी।
डॉ. गुप्त ने बताया, खगोलीय घटना को वेधशाला के शंकु यंत्र और नाड़ीवलय यंत्र के जरिए देखा जा सकेगा। गुरुवार को शंकु यंत्र की छाया पूरे दिन सीधी विषुवत रेखा पर होगी। इससे पहले नाड़ीवलय यंत्र के दक्षिणी गोल भाग पर धूप रहती थी। इस दिन नाड़ीवलय यंत्र के उत्तरी और दक्षिणी दोनों गोल भागों पर धूप नहीं होगी।
21 मार्च से 22 सितंबर तक धूप उत्तरी गोल भाग पर दिखाई देगी। सूर्य के इस गोलार्ध परिवर्तन को नाड़ीवलय यंत्र के जरिए प्रत्यक्ष देखा जा सकता है।
वसंत संपात के बाद तापमान में लगातार वृद्धि होगी। सूर्य किरणें ज्यादा देर तक धरती पर पड़ने से गर्मी बढ़ेगी। गर्मियों का सबसे बड़ा दिन 21 जून तक ऐसी स्थिति रहेगी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मार्च अंत तक दिन का तापमान 35 डिग्री तक पहुंच सकता है, अप्रेल-मई में यह 40 डिग्री के पार जा सकता है।