उज्जैन

प्रथम वर्ष की परीक्षा फीस १७४० से घटाकर १५६६ की

पुरानी फीस से १७४ रुपए तक कम किए, विद्यार्थी कर रहे लगातार विरोध
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Updated: 4 Feb 2018, 8:10 AM IST
patrika
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उज्जैन. विक्रम विश्वविद्यालय प्रशासन ने वार्षिक पद्धति के आधार पर होने वाली परीक्षा की नई फीस का निर्धारण कर दिया है। विवि की स्नातक स्तर पाठ्यक्रम की परीक्षा फीस अब १५६६ रुपए होगी। पूर्व में यह फीस १७४० रुपए थी। विद्यार्थियों के लगातार विरोध के बाद फीस को घटा दिया गया, लेकिन ज्यादा फीस कम होने की उम्मीद लगाकर बैठे विद्यार्थियों को निराशा ही हाथ लगी है। हालांकि एनएसयूआई लगातार विद्यार्थियों के लिए फीस कम करने की मांग कर रही है, लेकिन किसी भी कॉलेज व विवि छात्रसंघ की तरफ से फीस का विरोध सामने नहीं आने के बाद अब मामला शांत हो गया। नवीन फीस के अनुरूप ५ फरवरी से परीक्षा फॉर्म जमा होना शुरू हो जाएगे।
विवि में अब तक स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में Vikram University
के तहत वर्ष में दो बार परीक्षा होती थी। इस परीक्षा में विद्यार्थियों प्रथम सेमेस्टर में ९०० रुपए और द्वितीय सेमेस्टर में ८४० रुपए लिए जाते थे। उच्च शिक्षा विभाग ने सेमेस्टर सिस्टम खत्म कर वार्षिक पद्धति लागू कर दी। इसके बाद अब वर्ष में एक बार परीक्षा होगी। एेसे में विवि प्रशासन ने दोनों सेमेस्टर की परीक्षा फीस जोड़कर वार्षिक पद्धति की परीक्षा फीस निर्धारित कर दी। इस फीस का एनएसयूआई ने विरोध किया और छात्रहित में फीस कम करने की मांग की। विद्यार्थियों के लगातार विरोध के बाद विवि प्रशासन ने फीस निर्धारण के लिए कमेटी का गठन कर दिया। इस कमेटी ने विद्यार्थियों को कुछ मदद जरूर कर दी। विवि प्रशासन ने प्रथम वर्ष के साथ द्वितीय और तृतीय वर्ष की फीस निर्धारित की है। यह १५१२ और १९१२ रुपए है। इसी के साथ प्राइवेट विद्यार्थियों से प्रथम वर्ष में २१६० रुपए फीस ली जाएगी।
२० मार्च से परीक्षा करवाने की तैयारी
विवि में वार्षिक पद्धति की परीक्षा मार्च-अप्रैल में आयोजित की जानी है। इसके लिए काफी पहले से तैयारी जारी है, लेकिन परीक्षा फॉर्म जमा होने का काम फीस विवाद में पिछड़ गया है। अब परीक्षा फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख २५ फरवरी है। इसके बाद विलंब शुल्क के साथ फॉर्म जमा किए जाएंगे, लेकिन विवि के अधिकारी मार्च के अंतिम सप्ताह से परीक्षा शुरू करने की तैयारी कर रहे हंै। ताकि किसी भी परिस्थिति में परीक्षा अप्रैल के पहले सप्ताह तक शुरू की जा सकें। दरअसल, विवि में परीक्षा फॉर्म में फीस विवाद के चलते काम एक माह लेट हो गया। एेसे में अन्य कोई विवाद फिर काम प्रभावित कर सकता है।

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