जिला पंचायत की साधारण सभा: प्याज खरीदी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार, कार्रवाई करो 

जिले में समर्थन मूल्य पर हुई प्याज खरीदी के बाद इनकी नीलामी को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्यों ने करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। खरीदी प्रक्रिया पर जनप्रतिनिधियों ने कई सवाल खड़े किए, जिनका अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इससे नाराज जिला पंचायत अध्यक्ष महेश परमार ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है।

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Aug 01, 2017
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उज्जैन. जिले में समर्थन मूल्य पर हुई प्याज खरीदी के बाद इनकी नीलामी को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्यों ने करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। खरीदी प्रक्रिया पर जनप्रतिनिधियों ने कई सवाल खड़े किए, जिनका अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इससे नाराज जिला पंचायत अध्यक्ष महेश परमार ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है। कोरम के अभाव में कई बार टलने के बाद सोमवार को जिला पंचायत की साधारण सभा हुई। अध्यक्ष परमार की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभा कक्ष में हुई बैठक में प्याज खरीदी का मुद्दा छाया रहा। अध्यक्ष व सदस्यों ने जिले में हुई खरीदी, नीलामी व निर्यात को लेकर सवाल किए। इस पर मार्फेड व उद्यानिकी की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों में अंतर पाया गया। अध्यक्ष ने इस पर खासी नाराजगी जताई। कार्रवाई को लेरकर मार्फेड अधिकारी ने एक गोदाम प्रभारी को निलंबित करने की जानकारी दी तो अध्यक्ष परमार व उपाध्यक्ष भरत पोरवाल ने कहा, सिर्फ प्रभारी ही नहीं आप भी गड़बडिय़ों के लिए जिम्मेदार हैं। यदि गोदाम प्रभारी लापरवाही बरत रहा था तो फिर आप क्या कर रहे थे। उन्होंने जिला पंचायत सीईओ संदीप राजप्पा से मार्फेड, सहकारिता, कृषि मंडी आदि के संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करने का कहा। बैठक में शिक्षा विभाग, विद्युत कंपनी, सहकारिता, कृषि, उद्यानिकी आदि विभागों की योजनाओं को लेकर भी समीक्षा हुई।
500 करोड़ रुपए का प्रीमियम, बीमाकर्ता की जानकारी नहीं: जिला पंचायत अध्यक्ष ने किसानों की बीमा योजना को लेकर भी सवाल उठाए। गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए परमार ने कहा, जिले में किसानों से 500 करोड़ रुपए की प्रीमियम राशि ली जाती है, लेकिन किसानों को बीमा एजेंट की जानकारी तक नहीं दी जाती। इनके कार्यालय कहां है, यह भी किसी को पता नहीं होता। समस्या होने पर किसान किससे संपर्क करें, इसका कोई निर्धारण नहीं है। बैंकों में भी किसानों को संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है। उन्होंने अगली बैठक में बैंक अधिकारियों से जवाब लेने की बात कही।
हॉस्टल में सर्पदंश से हुई बच्चों मौत पर हुए नाराज: कुछ दिन पूर्व हॉस्टल में सर्पदंश से दो मासूम भाइयों की मौत को लेकर भी बैठक में जनप्रतिनधियों ने खासी नाराजगी जताई। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि गरीब की मौत सस्ती होती है क्या जो अभी तक उचित कार्रवाई नहीं की गई है। छोटे कर्मचारियों को निलंबित कर देना काफी नहीं है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी, डीपीसी, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान समन्वयक के खिलाफ भी कार्रवाई करने को कहा। जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को जांच प्रतिवेदन अनुसार हॉस्टल्स में व्यवस्थाएं कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में ये मुद्दे भी उठे
- जिला पंचायत सदस्य करण कुमारिया ने पंचायत सचिवों के स्थानांतरण निति को लेकर सवाल उठाया। उनका आरोप था कि दिव्यांगों का ट्रंासफर दो-पांच किलोमीटर के दायरे में होना था, लेकिन उनकी तहसीलें ही बदल दी गई हैं।
- ईश्वरसिंह चौहान ने खाचरौद भटलावदी के स्कूल का मार्ग कच्चा व खराब होने का मु्द्दा उठाया। सीईओ ने सीसी रोड योजना में शामिल करने का कहा।
- शासकीय स्कूलों में कोर्स की सभी किताबें नहीं पहुंचने और इसके विपरीत निजी दुकानों पर यह पुस्तकें उपलब्ध होने को लेकर सदस्यों ने नाराजगी जताई।
- स्वास्थ्य विभाग को एनआरसी में केयर टेकर नियुक्त करने के निर्देश दिए गए।
- जिन स्कूलों में शिक्षक नहीं, वहां नियुक्ति करने का कहा गया।
- पीएम आवास योजना अंतर्गत ब्लॉक स्तर पर हितग्राही सम्मेलन किए जाएंगे।
- खान डायवर्सन के बावजूद शिप्रा में खान नदी का पानी मिल रहा है। जनप्रतिनिधि इसका दौरा करेंगे।
- हितग्राही पेंशन योजना में समस्या आने पर हितग्राही जिला पंचायत में अध्यक्ष-सदस्यों से संपर्क कर सकते हैं।
Published on:
01 Aug 2017 01:03 am