उज्जैन

अनोखा मामलाः जेल में बैठे-बैठे कैदी ने कई देशों की बैंकों से करोड़ों रुपए ट्रांसफर कर लिए, मच गया हड़कंप

सायबर क्राइमः कैदी ने सहायक जेल अधीक्षक पर देशी विदेशी खाते हैक करवाने का लगाया आरोप, एसआईटी ने की जांच शुरू

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Nov 10, 2021

उज्जैन। भैरवगढ़ जेल से साइबर क्राइम कर देशी और विदेशी बैंक खाते हैक करने का सनसनीखेज मामला सामाने आया है। जिसमें उप अधिक्षक और जेलर द्वारा ही जेल में बंद हैकर को लेपटॉप व इंटरनेट कनेक्शन की व्यवस्था देकर साउथ कोरिया, सऊदी अरब और केलिफोर्निया से अपने खातों में विदेशी करंसी ट्रासंफर करवाई जा रही थी। जब इस मामले में खुद हैकर ने पिछले दिनों राज्य सायबर सेल को शिकायत की तो टीम भैरवगढ़ जेल पहुंची और अधिकारियों से पूछताछ कर जांच शुरु कर बंदी को भोपाल जेल में ट्रांसफर किया है। अब तक की जांच में सामने आया कि जेल प्रशासन से जुड़े करीब आधा दर्जन अधिकारियों के खातों में लाखों रुपए पहुंचे हैं जिनके बारे में सायबर सेल की एसआईटी जांच कर रही है।

बिट क्वाइन और डार्कवेब के जरिए खरीद रहे थे क्रेडिट कार्ड नंबर

दरअसल महाराष्ट्र का रहने वाला साइबर क्राइम एक्सपर्ट अमर आनंद अग्रवाल 15 फरवरी 2018 से सायबर ठगी के मामले में भैरवगढ़ जेल में बंद था। करीब 2 माह पूर्व अमर अग्रवाल ने राज्य सायबर सेल को शिकायत की है कि भैरवगढ़ जेल सहायक अधीक्षक सुरेश गोयल व अन्य अधिकारियों द्वारा उससे सायबर क्राइम करवाया जा रहा है। इसके लिए उसे लेपटॉप व इंटरनेट कनेक्शन तक दे रखा है। जिसमें डार्क वेब व बिट क्वाइन के जरिए डाटा जुटा देशी और विदेशी खातों में सेंध लगा रिश्तेदारों व अन्य अधिकारियों के खातों में करोड़ों रुपए ट्रांसफर करवाए गए। इस मामले में शिकायत के बाद जेल प्रशासन के बीच हड़कंप मच गया।

1 नंवबर को आनन -फानन राज्य सायबर सेल द्वारा गठित एसआईटी भी भैरवगढ़ जेल पहुंची और सम्बधित अधिकारियों से करीब 7 घंटे गोपनीय पूछताछ की। जिसमें यह भी सामने आया कि भैरवगढ़ जेले में ही बैठकर उदयपुर की उदय पैलेस होटल को रशियन एजेंट के जरिए एक करोड 60 लाख का पैमेंट किया गया था, बाद में होटल के खाते से 40 लाख रुपए का पैमेंट गोयल व अन्य अधिकारियों के खातों में डला है। हालांकि मामले में राज्य सायबर एडीजी योगेश देशमुख का कहना है कि इस तरह की शिकायत मिली है, जिसमें फिलहाल जांच जारी है परंतु शिकायत कितनी सही है यह देखना बाकी है।

जेल अधीक्षक उषा राजे कहती हैं कि इस मामले में 1 नवंबर को एसआईटी की टीम उज्जैन पहुंची थी, करीब 5 से 6 घंटे गोपनीय पूछताछ की गई थी। जानकारी लगी है कि जेल में एक कैदी को लेपटॉप व अन्य साधन उपलब्ध करवाए गए थे।

Published on:
10 Nov 2021 08:32 am
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