यहां होली मनाने देशभर से आते है लोग। लोग धूमधाम से यहां बाबा महाकाल के साथ होली मनाते हैं।
देशभर में होली की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं। रंग-गुलाल और पिचकारी से बाजार सजे हुए हैं। बच्चे हों या बुजुर्ग या फिर युवा, सभी रंगों के इस त्योहार का बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस बार 25 मार्च 2024 को देशभर में होली का तयोहार मनाया जाएगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि होली का त्योहार सबसे पहले बाबा महाकाल अपने दरबार में मनाते हैं। इसके बाद ही देशभर के लोग होलिका दहन कर रंगों का क्योहार मनाते हैं। इस बार होली का पर्व सबसे पहले मनाने वाले बाबा महाकाल 24 मार्च को होली मनाएंगे।
महाकाल के दरबार में होली की परंपरा काफी प्राचीन है। इसे लेकर पंडित और पुरोहित 15 दिन पहले से तैयारी शुरु कर देते हैं। महाकालेश्वर मंदिर के राम पुजारी ने बताया कि सभी पर्व की शुरुआत भगवान महाकाल के आंगन से होती है। 24 मार्च को सबसे पहले भगवान महाकाल के दरबार में होलिका दहन होगा। इसके बाद संध्या कालीन आरती में जमकर गुलाल उड़ाया जाएगा।
महाकाल के दरबार में हर्बल रंगों और फूलों से तैयार किए गए गुलाल से होली मनाई जाएगी। इसके अगले दिन 25 मार्च को देशभर में होली का पर्व मनाया जाएगा। महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी आशीष गुरु ने बताया कि देशभर के शिव भक्त भगवान महाकाल के साथ होली का पर्व मनाने के लिए उज्जैन आते हैं। भगवान और भक्त के बीच अनूठी होली शिव भक्तों को वर्ष पर याद रहती है। महाकालेश्वर मंदिर में 25 मार्च की सुबह भस्म आरती में भी भगवान को गुलाल चढ़ाया जाएगा।
महाकालेश्वर मंदिर के पंडित और पुरोहित मंत्र उपचार के साथ भगवान से प्रार्थना करते हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में शिव भक्त भी अनूठी परंपरा को देखने के लिए मंदिर पहुंचते हैं।