कालिदास समारोह में एक महीना शेष, स्थान तय नहीं…

स्थानीय समिति तय करेगी समारोह का आयोजन स्थल

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Oct 19, 2015
patrika
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उज्जैन. अखिल भारतीय कालिदास समारोह का आयोजन 22 नवंबर (देव प्रबोधिनी) एकादशी से होने जा रहा है। एक महीना ही शेष है, लेकिन अब तक समारोह स्थल तय नहीं हो सका है। एेसे में समारोह के आयोजन को लेकर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं।

असल में, कालिदास अकादमी के खुले मंच को स्थायी पक्का निर्माण किया जाना है, जिसका कार्य शुरू हो गया है। एेसे में समारोह का आयोजन कहां पर कराया जाएगा, इसे लेकर संशय बना हुआ है। इसका फैसला स्थानीय समिति की बैठक में होने के बाद प्रस्ताव मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली स्थायी समिति को भेजा जाएगा। दोनों समितियों को भेजे एजेंडे में समारोह के आयोजन स्थल के लिए पांच स्थलों के बारे में जानकारी दी गई है। इसमें कालिदास अकादमी का पं. सूर्यनारायण व्यास संकुल हॉल, माधव कॉलेज ग्राउंड, क्षीरसागर ग्राउंड, महाकाल प्रवचन हॉल और दशहरा मैदान के बारे में जानकारी दी गई है। इन्हीं जगहों में से कोई एक चुना जाएगा। समितियों की बैठक इस हफ्ते में कराई जा सकती है।

जल्द होगी बैठक
स्थायी व स्थानीय समिति के सदस्यों को एजेंडे में वैकल्पिक आयोजन स्थल के बारे में जानकारी दे दी गई है। वह तय करेंगे कि कहां पर आयोजन रखा जाए। जल्द ही समितियों की बैठक होगी।
- पीके झा, प्रभारी निदेशक, कालिदास अकादमी

साल में दो बार होगा समारोह
अखिल भारतीय कालिदास समारोह के 59 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा, जब दो बार समारोह का आयोजन एक साल के भीतर किया जाएगा। 2013 में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते आयोजन स्थगित कर दिया गया था। इसे फरवरी 2014 में वसंत पंचमी पर आयोजित किया गया। तब शहर के प्रबुद्ध लोगों ने इसका विरोध किया था, क्योंकि 58 साल के इतिहास में पहली बार समारोह को उसकी तय तिथि देव प्रबोधिनी एकादशी से शुरू नहीं किया जा रहा था। एक बार फिर से समारोह नवंबर-2014 में आयोजित न कर वसंत पंचमी यानी फरवरी 2015 में किया गया। अब दो साल बाद आयोजन अपने परंपरागत तिथि देवप्रबोधिनी पर आयोजित होगा। इस तरह समारोह साल में दो बार आयोजित किया जाएगा।
Published on:
19 Oct 2015 09:14 pm