लंबे समय से बंद महाकाल दरबार आगामी 28 जून को खुलने जा रहा है। हालांकि, इस बार भक्तों को कोरोना गाइड लाइन का पालन करने के साथ साथ कई नियम और पाबंदियों को मानना होगा। नियम न मानने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उज्जैन/ मध्य प्रदेश में कोरोना ( coronavirus ) के हालात अब पूरी तरह नियंत्रम में हैं। ऐसे में लंबे समय से बंद महाकाल दरबार ( Mahakal Temple ) आगामी 28 जून को खुलने जा रहा है। हालांकि, इस बार भक्तों को कोरोना गाइड लाइन ( Corona guideline ) का पालन करने के साथ साथ कई नियम और पाबंदियों को मानना होगा। अगर किसी ने इनकी अनदेखी करते हुए मंदिर में प्रवेश लेने का प्यास किया, तो उसके खिलाफ मंदिर प्रबंधन की ओर से सीधे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
तो दर्ज होगी FIR
आपको बता दें कि, महाकाल मंदिर समिति की मंदिर परिसर को श्रद्धालुओं के लिये खोलने के लये गुरुवार को हुई बैठक में 28 जून को खोलने पर मोहर लग चुकी है, लेकिन श्रद्धालुओं को अब कई तरह के नियमों का पालन करना होगा तभी उन्हें मंदिर परिसर में प्रवेश मिलेगा। अगर किसी ने नियम तोड़कर मंदिर में जबरन प्रवेश करना चाहा तो उस श्रद्धालु के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
22 जून से ऑनलाइन बुकिंग शुरु
इस संबंध में कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि, 22 जून से ऑनलाइन परमिशन लिंक भी खोल दी जाएगी। लेकिन किसी भी श्रद्धालु ने वैक्सीन सर्टिफिकेट बदलने, मैसेज को मेनपुलेटेड करने या किसी अन्य के सर्टिफिकेट पर मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की तो उन श्रद्धालुओं के खिलाफ धारा 188 और 420 में मामला दर्ज किया जाएगा।
मंदिर में नये गेट से मिलेगा प्रवेश
महाकालेश्वर मंदिर में दर्शनार्थियों के लिए 28 जून से दर्शन शुरू किये जाएंगे. दर्शनार्थियों को ऑनलाइन बुकिंग कराने के बाद वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट या 24 से 48 घंटे पूर्व की कोविड रिपोर्ट दिखाने पर ही मंदिर परिसर में प्रवेश मिल सकेगा। मंदिर परिसर में स्थित सभी देवस्थान दर्शन के लिए खुले रहेंगे। इसके साथ ही, महाकाल मंदिर में मुख्य प्रवेश द्वार के सामने निर्माण कार्य चलने के कारण गेट बंद है। 28 जून से श्रद्धालुओं को गेट नंबर चार भस्मारती द्वार या धर्मशाला के गेट से प्रवेश कर सकेंगे।
इन नियमों का करना होगा पालन
-सर्टिफिकेट और मैसेज में छेड़छाड़ करने वाले श्रद्धालुओं के खिलाफ FIR की जाएगी।
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