उज्जैन

उज्जैन नगर निगम के हाल: यहां नेता इंतजार करते रहे और अधिकारी आए तक नहीं

तीन महीने बाद हुई गरीबी उपशमन प्रकोष्ठ की बैठक में भड़के जनप्रतिनिधि, नोटिस के निर्देश देकर बैठक स्थगित की,अब प्रकोष्ठ की बैठक 4 दिसंबर को होगी।

2 min read
Nov 29, 2019
Leaders waited here and officials did not come
तीन महीने बाद हुई गरीबी उपशमन प्रकोष्ठ की बैठक में भड़के जनप्रतिनिधि, नोटिस के निर्देश देकर बैठक स्थगित की,अब प्रकोष्ठ की बैठक 4 दिसंबर को होगी।

उज्जैन. नगर निगम के विभिन्न कार्यों की समीक्षा व निगरानी के लिए गठित समितियों को निगम के अधिकारी ही खास गंभीरता से नहीं लेते हैं। एेसी ही स्थिति शहरी गरीबी उपशमन प्रकोष्ठ की बैठक में सामने आई। बैठक शुरू होने के बाद समिति प्रभारी सहित सदस्य करीब आधा घंटे तक इंतजार करते रहे लेकिन ६ में से ४ जोन के अधिकारी-कर्मचारी इसमें नहीं आए। यहां तक कि किसी कर्मचारी को भी मय रेकॉर्ड बैठक में उपस्थित नहीं करवाया गया। नतीजतन नाराज समिति प्रभारी व सदस्यों को बैठक स्थगित करना पड़ी। अब प्रकोष्ठ की बैठक 4 दिसंबर सुबह 11.30 बजे होगी।

शुक्रवार शाम 4 बजे निगम मुख्यालय पर शहरी गरीबी उपशमन प्रकोष्ठ की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा व निर्णय होने के चलते समिति प्रभारी योगेश्वरी राठौर, सदस्य संतोष यादव, विनिता शर्मा, निशा सेंगर, अनीता राठौर, संजय कोरट, प्रमिला मीणा समय पर पहुंच गए लेकिन जोन क्रमांक एक व दो को छोड़ अन्य किसी जोन से संबंधित अधिकारी-कर्मचारी बैठक में नहीं आए। पशु बाड़े तोडऩे की कार्रवाई के चलते समिति सचिव उपायुक्त संजेश गुप्ता भी मौजूद नहीं हो सके। करीब आधा घंटे तक समिति प्रभारी व सदस्य अधिकारी-कर्मचारियों का इंतजार करते रहे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने कुछ जानकारी भी चाही लेकिन अधिकारी-कर्मचारी नहीं होने से उन्हें अपेक्षित जानकारी नहीं मिली। इस पर प्रभारी व सदस्य खासे भड़क गए और अनुपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। राठौर ने बताया, अधिकारी-कर्मचारियों के उपस्थित नहीं होने के कारणा बैठक स्थगित की गई है।

हजारों हितग्राहियों से जुड़ी थी बैठक

करीब तीन महीने बाद हुई इस बैठक में पीएम आवास योजना, विधवा पेंशन सहित जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर योजनाओं पर चर्चा होना थी, जिनसे हजारों हितग्राही सीधे जुडे़ हैं। बड़ा विषय विभिन्न योजनाओं में हितग्राहियों को राशि नहीं मिलने से संबंधित था। योजनाओं का लाभ सुचारू नहीं मिलने से जनता के परेशान होने और महीनों बाद बैठक बुलाने के बावजूद अधिकारी-कर्मचारी इसमें शामिल नहीं हुए। बता दें, इससे पूर्व भी विभिन्न समितियों की कई बैठकों में अधिकारियों के मौजूद नहीं होने के मामले उठे हैं।

Published on:
29 Nov 2019 10:33 pm