लापरवाही से पवित्र क्षिप्रा नदी में मिल गया सीवेज का पानी...। इसी पवित्र नदी में श्रद्धालु करते हैं स्नान...।
उज्जैन। क्षिप्रा नदी ( kshipra river ) के त्रिवेणी में बनाया गया मिट्टी का स्टाप डैम टूट जाने से गंदा पानी मिलने लगा। आलम यह था कि इस दौरान नदी में पानी उल्टी दिशा में बहने लगा। कलेक्टर ने मौके पर अफसरों को भेजकर इसका मुआयना कराया।
उज्जैन ( ujjain ) की सीमा से लगे इंदौर शहर का सीवरेज, कान्ह नदी के जिरए उज्जैन में आकर क्षिप्रा नदी ( kShipra River ) में मिलता है। इससे नदी का जल तो दूषित होता है, श्रद्धालुओं को भी इसी जल में स्नान करना पड़ता है। आलम यह है कि यह गंदा पानी मिलने से क्षिप्रा की स्थिति किसी नाले जैसी हो जाती है। इसे प्रदूषण से बचाने के लिए स्टॉप डैम ( Stop Dam ) बना दिया गया है, जिससे यह गंदा पानी पवित्र नदी में नहीं मिल पाए।
गौरतलब है कि कान्ह का गंदा पानी रोकने के लिए प्रशासन समय-समय 15 से 20 लाख रुपए खर्च कर कच्चा स्टाप डैम बनवाता है। पिछले साल अप्रैल में भी यह डैम टूट गया था। इसके बाद इसे फिर से बनाया गया। पीएचई के मुताबिक इंदौर से आ रही कान्ह नदी में पानी बढ़ने से बांध टूटा।
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