
उज्जैन. तराना के द्वारकाधीश मंदिर के महामंडलेश्वर रामेश्वरदास को अपने ही ड्राइवर के साथ अप्राकृतिक कृत्य के आरोप में न्यायालय ने जेल भेज दिया है। महामंडलेश्वर एक वर्ष से ड्राइवर के साथ अप्राकृतिक कृत्य कर रहे थे, साथ ही उसके साथ मारपीट भी कर रहे थे। पिछले दिनों ड्राइवर ने महामंडलेश्वर की थाने में शिकायत भी कर दी थी। इसके बाद रामेश्वरदास ने ड्राइवर पर दबाव बनाने के लिए अपने हाथ की नस काट ली थी। रविवार को उज्जैन में एक निजी अस्पताल में उन्होंने खूब हंगामा करते हुए तोडफ़ोड़ भी की थी।
महामंडलेश्वर रामेश्वरदास (32) पर अप्राकृतिक कृत्य का आरोप उनके 22 वर्षीय ड्राइवर ने लगाया है। तराना टीआई सुरेश सोलंकी ने बताया कि ड्राइवर पिछले एक वर्ष से महामंडलेवर के यहां काम कर रहा था। इसी दौरान रामेश्वरदास ने उसके साथ अनैतिक संबंध स्थापित कर लिए। ड्राइवर द्वारा विरोध करने पर उसके साथ मारपीट करने के साथ उसे जान से मारने की धमकी भी देते थे। महामंडलेश्वर का कहना था उसकी बहुत ऊंची पहुंच है और कहीं कोई कार्रवाई नहीं होगी। बीते दिनों परेशान ड्राइवर ने पुलिस में शिकायत कर दी। मामले में तराना पुलिस ने रामेश्वरदास की मेडिकल जांच करते हुए धारा ३७७ के तहत प्रकरण दर्ज किया। सोमवार को ही उसे न्यायालय में पेश किया । यहां से उसे 15 दिन के न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
ड्राइवर पर दबाव बनाने काटी नस
ड्राइवर द्वारा शिकायत करने के बाद से ही महामंडलेश्वर रामेश्वरदास हंगामा कर रहे थे। उन्होंने ड्राइवर पर दबाव बनाने के इरादे से अपने हाथों की नस काट ली। जिस पर उन्हें उज्जैन के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहां भी उन्होंने पुलिस पर रिश्वत लेने, उपचार ठीक नहीं करने जैसे आरोप लगाकर हंगामा किया और तोडफ़ोड़ भी की। हालांकि पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई और सोमवार को प्रकरण दर्ज करवा लिया।
पहले भी विवादों में घिरे
महामंडलेश्वर रामेश्वरदास पूर्व में भी विवादों में रहे हैं। वर्ष 2015-16 में 307 का प्रकरण भी दर्ज हुआ था। बताया जा रहा है कि उस समय भी एक गार्ड ने उन पर हमला किया था।
ट्रस्ट के पास 700 बीघा जमीन
अप्राकृतिक कृत्य के मामले में फंसे महामंडलेश्वर रामेश्वरदास तराना के द्वारकाधीश मंदिर के मुख्य हैं। वे कुंड महादेव संस्थान ट्रस्ट के प्रमुख भी हैं। इस ट्रस्ट के पास करीब 700 बीघा जमीन है।