death threat: उज्जैन स्थित मौन तीर्थ पीठ के पीठाधीश्वर डॉ. सुमनानंद गिरि महाराज को जान से मार देने का धमकी भरा पत्र मिला है। यह पत्र प्रयागराज से उर्दू भाषा में लिखकर भेजा गया है।
death threat: उज्जैन के गंगाघाट स्थित मौन तीर्थ पीठ के पीठाधीश्वर और निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर डॉ. सुमनानंद गिरि महाराज को उर्दू में लिखे एक पत्र के माध्यम से जान से मारने की धमकी मिली है। प्रयागराज के नवाब नगर, करेली से भेजे गए इस पत्र में उन्हें 'सिर तन से जुदा' करने की धमकी दी गई है। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री मोहन यादव को भेजकर सुरक्षा की मांग की है। महामंडलेश्वर का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें इस तरह की धमकी मिली हो। इससे पहले भी उन्हें कई बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं।
महामंडलेश्वर डॉ. सुमनानंद गिरि महाराज ने बताया कि प्रयागराज के सगीर अहमद पिता रिजवान नामक व्यक्ति ने उर्दू में लिखा धमकी भरा पत्र लिफाफे में भेजा है। पत्र में अपशब्दों के साथ जान से मारने की धमकी दी गई है। उन्होंने इस गंभीर मामले की जानकारी प्रशासन और राज्य सरकार को देकर सुरक्षा की मांग की है।
महामंडलेश्वर ने बताया कि इससे पहले भी उन्हें कई बार जान से मारने की धमकियां मिली हैं। भानपुरा से उज्जैन लौटते समय कुछ लोगों ने उनका रास्ता रोककर हथियार दिखाए थे। इसके बाद भी मौन तीर्थ आश्रम पर गड़बड़ी करने की कोशिश की गई थी। प्रशासन को कई बार सूचना देने के बावजूद इस ओर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। महामंडलेश्वर डॉ. सुमनानंद गिरि महाराज ने कहा कि वे किसी धमकी से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने हमेशा सनातन धर्म की सेवा की है और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की है।
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने इस मामले में जीवाजीगंज थाने को जांच के आदेश दिए है। उनका कहना है कि थाना प्रभारी पत्र की जांच करा रहे है ताकि, इसके पीछे की पूरी कहानी को समझा जा सके। इस मामले साइबर टीम भी जांच कर रही है और पत्र की भीं जांच की जा जा रही है। पत्र की बात बाहर आने के बाद समाज में आक्रोश का माहौल है। वहीँ, वे भी प्रशासन से मांग कर रहे है कि पीठाधीश्वर और महामंडलेश्वर को सुरक्षा प्रदान करें।