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महाकाल की नगरी में उड़ा अबीर-गुलाल, पंडे-पुजारियों ने मनाया उत्सव

Mahakal Temple Ujjain: अवंतिका नगरी में होली का पर्व सबसे पहले राजाधिराज भगवान महाकालेश्वर के दरबार में मनाया गया।

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holi 2026 Mahakal Temple Ujjain

holi 2026 Mahakal Temple Ujjain

Mahakal Temple Ujjain: अवंतिका नगरी में होली का पर्व सबसे पहले राजाधिराज भगवान महाकालेश्वर के दरबार में मनाया गया। परंपरानुसार, पूरे देश में होली(Holi 2026) का दहन होने से पहले बाबा महाकाल के आंगन में होलिका दहन किया गया, जिसके साथ ही शहरभर में रंगों के इस उत्सव की औपचारिक शुरुआत हो गई। मंगलवार को होने वाली भस्म आरती में भी भगवान को रंग-गुलाल अर्पित किया जाएगा।

गर्भगृह और नंदी हॉल रंगों से सराबोर

सोमवार को संध्या आरती के दौरान मंदिर का गर्भगृह और नंदी हॉल रंगों से सराबोर नजर आया। पंडे-पुजारियों ने बाबा महाकाल को गुलाल अर्पित कर उनके साथ होली खेली। जैसे ही पुजारी ने बाबा पर केसरिया और हर्बल गुलाल छिड़का, पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल के उद्घोष से गूंज उठा। यहां मौजूद हर कोई शिव भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। संध्या आरती के बाद मंदिर परिसर में स्थित ओंकारेश्वर मंदिर के सामने होलिका दहन किया गया।

महाकाल करते हैं सभी त्योहारों की शुरुआत

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, बाबा महाकाल ही समस्त त्योहारों की शुरुआत करते हैं, इसलिए यहां सबसे पहले होलिका प्रज्वलित की जाती है। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बने।

सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम

प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति ने विशेष इंतजाम किए थे। गर्भगृह में केवल प्राकृतिक और हर्बल गुलाल के उपयोग की ही अनुमति दी गई, ताकि मंदिर की मर्यादा और गर्भगृह की सुरक्षा बनी रहे।