उज्जैन

मुगल काल में भारत आई ‘मेहंदी’ बनी सबकी पसंद, लगाने से दूर होते हैं कई रोग

मेहंदी के पौधों के सभी भाग पत्तियों, फूलों, जड़, तना, बीजों आदि में औषधीय गुण पाए जाते हैं....

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Aug 07, 2022
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Mehndi

उज्जैन। शादी समारोह या पर्व-त्योहार के समय अक्सर महिलाएं अपने हाथों में मेहंदी रचाती हैं। इसे सुहाग की निशानी भी माना जाता है, लेकिन इस मेहंदी का इतिहास भी बड़ा रोचक और अचंभित कर देने वाला है। मुगल काल में मेहंदी मुगलों के साथ भारत आई थी। मुगलों की रानियों को इसके औषधीय गुण मालूम थे, इसलिए धीरे-धीरे पूरे भारत में प्रचलन बढ़ गया।

भारत की संस्कृति बहुआयामी एवं प्राचीन है। भारतीय संस्कृति विश्व के इतिहास में कई दृष्टियों से विशेष महत्त्व रखती है तथा संसार की प्राचीनतम संस्कृतियों में से एक है। भारत में मेहंदी का आगाज मुगल काल के आगमन के साथ हुआ। मुगल रानियां मेहंदी से अपने हाथों को सजाने पसंद करती थीं और साथ ही वो इसके औषधीय गुणों एवं ठंडी तासीर से भी परिचित थीं। धीरे-धीरे मेहंदी का प्रचलन पूरे देश में हो गया। वर्तमान में मेहंदी भारतीय शादियों में महत्वपूर्ण रस्म में से एक है। हिन्दू संस्कृति में मेहंदी या हीना को खुशहाली, सौंदर्य और धार्मिक अनुष्ठान आदि का प्रतीक माना गया है। मेहंदी एक परिशिष्ट औषधि होती है। इसका उपयोग विविध उद्देश्यों जैसे कि प्रसाधन सामग्री, दवाइयों आदि के उत्पादन के लिए किया जाता है।

मेहंदी का तना, पत्ता, फूल सब गुणकारी

मेहंदी के पौधों के सभी भाग पत्तियों, फूलों, जड़, तना, बीजों आदि में औषधीय गुण पाए जाते हैं। मेहंदी में लासन नामक रंग का यौगिक पाया जाता है, जिसमें लाल संतरिया रंजक निहित होता है। यह इसके पौधों की पत्तियों का मुख्य घटक होता है। मेहंदी में उपस्थित एंटीबैक्टीरियल और एन्टीइन्फ्लमेटरी तत्वों के कारण इसका प्रयोग प्रसाधन सामग्री तथा अन्य उत्पादों के निर्माण में किया जाता है। मेहंदी का प्रयोग सामान्यत: त्वचा से संबंधित कई समस्याओं जैसे खुजली, एलर्जी, पितिका, घावों आदि के उपचार के लिए किया जाता है।

9 और 10 अगस्त को आयोजन

मेहंदी के औषधीय गुणों के दृष्टिगत 9 एवं 10 अगस्त को नि:शुल्क मेहंदी लगाए जाने का आयोजन विजय फाउंडेशन फॉर एजुकेशन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट द्वारा भसीन कॉम्प्लेक्स, क्षिप्रा टूरिस्ट रेसीडेंसी के सामने माधव क्लब रोड पर सुबह 11 से रात 8 बजे तक किया जाएगा। रक्षाबंधन अवसर पर महिलाओं को नि:शुल्क मेहंदी लगाई जाएगी। संचालिका विजय भसीन ने बताया यह आयोजन भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में मेहंदी के महत्व को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया जा रहा है।

Published on:
07 Aug 2022 04:51 pm