नागदा. शहर की बेहतरीन सफ ाई व्यवस्था एक बार बाजी मार गई। संभाग उज्जैन में नागदा तीसरे क्रम पर आया। शहर की कसावट भरी सफ ाई व्यवस्था के आगे जिला मुख्यालय उज्जैन भी पीछे रह गया। संभाग की बात करें तो नागदा शहर ने मंदसौर एवं नीमच को भी मात दे दी। यह खुलासा हाल में एक सर्वे में सामने आया है। प्रदेश के 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में एक सर्वे किया गया। प्रदेश की प्रावीण्य सूची में शहर 12 वां स्थान बनाने में कामयाब हुआ। समूचे उज्जैन संभाग मे रतलाम एवं देवास के बाद नागदा शहर तीसरे क्रम पर आया है।
यूं परखी स्वच्छता
केंद्र के निर्देशन में गत 5 जनवरी से 20 जनवरी तक स्वच्छता मिशन के तहत प्रदेेश में अलग-अलग टीमों ने सर्वे किया। टीम ने स्वच्छता को परखने के लिए अलग-अलग श्रेणियां बनाईं। प्रत्येक श्रेणी को 10-10 अंकों का निर्धारण किया गया। सर्वे में कुल 100 अंक का पूर्णांक रखा गया, जिसमें से शहर को 35.26 अंक मिले। अंकों के खेल में खास बात यह रही की सफाई के मामले में जिला मुख्यालय उज्जैन 34.28 अंक पाकर पीछे रह गया। संभाग के दो बड़े शहर मंदसौर व नीमच को भी नागदा से कम अंक मिले। रतलाम व देवास दोनों शहर संभाग में प्रथम व द्वितीय क्रम पर रहे। नागदा तीसरे पायदान पर आया।
शहर में कसावट के साथ सफाई व्यवस्था लागू है। यहां तक की एक रजिस्टर पर आम लोगों की राय भी सफाई कर्मचारियों से लिखाई जाती है। इसका मूल्यांकान होता है। जिस क्षेत्र के नागरिक खामियां बताते है, उस पर ध्यान दिया जाता है। यह इस व्यवस्था का ही परिणाम है कि शहर संभाग में बेहतरीन सफाई व्यवस्था में तीसरे क्रम पर आया। -आाशीष ओरा, सभापति, स्वास्थ्य समिति नपा