अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे ग्रामीण डाक सेवक
नागदा. केंद्रीय कर्मचारी ग्रामीण डाकसेवकों (जीडीएस) ने शुक्रवार से विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रारंभ कर दी है। कर्मचारियों ने शहर के मुख्य डाकघर एमजी रोड परिसर पर धरना प्रदर्शन किया।
आंदोलन में नागदा, बिरलाग्राम व महिदपुर रोड डाकघर के अधिन आने वाले १४ शाखा के डाक सेवक शामिल हुए। हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों में डाक वितरण का कार्य प्रभावित हो रहा है। डाकसेवकों की हड़ताल में दो कई कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जबकि कुछ ने अपने आप को दूर रखा। आंदोलन चार यूनियन कामरेड, भारतीय मजदूर संघ, एनएपीइ, एआइजीडीएसयू एकता द्वारा संयुक्त रुप से की जा रही हैं।
७० गांव में नहीं वितरण होगी डाक
नागदा में मुख्य डाक घर है, जिसके अधिन बिरलाग्राम व महिदपुर रोड डाकघर शामिल है। इन तीनों डाक घर के अधिन १४ शाखा डाक घर है। नागदा मंडी डाकघर में गांव बनबना, हताई, बोरखेड़ा, रोहलखुर्द, रुपेटा, बिरलाग्राम डाक घर में गांव भाटीसुड़ा, दुर्गापूरा, मेहतवास व महिदपुर रोड डाकघर में गांव बैरछा, टूटियाखेड़ी, झुटावद, बपय्या, डेलची, सगवाली शाखा डाकघर शामिल है। प्रत्येक शाखा डाकघर के अधिन ५ से ६ गांव शामिल है। इस मान से लगभग ७५ गांव में डाक वितरण का कार्य प्रभावित हो रहा है। हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्र में एटीएम कार्ड, चेक बुक, पेनकार्ड, रजिस्ट्री डाक, स्पीड पोस्ट आदि वितरण करने का काम नहीं होगा।
क्या है मांग
आंदोलन कर रहे कर्मचारियों को स्थाई का दर्जा नहीं मिला है। इन कर्मचारियों को अतिरिक्त डाक सेवकों में शामिल है। इनको कार्य के घंटे के अनुसार वेतन मिलता है। प्रत्येक कर्मचारी प्रतिदिन लगभग 4 से 5 घंटे के कार्य का वेतन मिलता है। इस मान से प्रत्येक कर्मचारी को न्यूनतम 7 हजार व अधिकतम 12 हजार रुपए वेतन मिलता है। यह कर्मचारी लगभग ३० से ३५ वर्ष से कार्य कर रहे है, लेकिन इन्हें अभी तक स्थाई कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है। कर्मचारियों की मांग है कि इनको सातवें वेतनमान का लाभ मिलें। जबकि स्थाई कर्मचारियों को १ जनवरी २०१६ से सातवें वेतनमान का लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। कर्मचारियों की मांग है कि कमलेश चंद्र कमेटी रिपोर्ट नंबवर २०१६ में केंद्र सरकार को सौंप दी थी, लेकिन इसके बाद भी सरकार ने कोई अमल नहीं किया। रिक्त पदों पर कर्मचारियों की शीघ्र नियुक्त की जाए।
यह है हड़ताल पर
आंदोलन प्रारंभ होने के पूर्व ही कर्मचारियों में दो फाड़ हो गई। कुछ कर्मचारी हड़ताल से नदारद रहे। बिरलाग्राम डाकघर के कुछ कर्मचारी हड़ताल शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि कर्मचारियों ने पूर्व में भी १६ से २२ अगस्त २०१७ तक 7 दिन तक आंदोलन करते हुए हड़ताल की थी। इस दौरान सरकार ने हड़ताल कर रहे कर्मचरियों का वेतन कटौती कर ७ दिन तक का भुगतान नहीं हुआ था। इस डर से कुछ कर्मचारियों हड़ताल में शामिल नहीं हुए। आंदोलन में मांगीलाल दांगी, लालदास बैरागी, मांगीलाल त्रिवेदी, भेरूलाल शर्मा, नागेश्वर शर्मा, लक्ष्मण, रामनारायण, सरदारसिंह राणावत, न्याज मोहम्मद, सुशील शर्मा, नवलसिंह, अंतिम मूणत, रवि डाबी एवं कैलाश त्रिवेदी आदि मौजूद थे।