
उज्जैन। राजाधिराज भगवान महाकाल के दरबार में दर्शनार्थियों को मंदिर आने से पहले ही गर्भगृह में जाकर जल-दूध अर्पण करने वाली रसीद घर बैठे ही बुक हो सकेगी। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम की मंशानुसार तीन से पांच दिनों के भीतर ही 1500 वाला स्लॉट ऑनलाइन हो जाएगा। 250 की रसीद पहले से ही ऑनलाइन हो चुकी है। इसी प्रकार भस्म आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को सुबह क्यूआर कोड स्कैन कराना होगा, इसमें यदि कोई गड़बड़ी मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ सीधे एफआइआर की जाएगी।
जल्द शुरु होगी नई सुविधा
प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि मंदिर में बढ़ती भीड़ को देखते हुए गर्भगृह में जलाभिषेक की 1500 वाली रसीद भी ऑनलाइन कराने की तैयारी की जा रही है। ग्रीष्म अवकाश को देखते हुए बहुत जल्द यह सुविधा शुरू हो सकती है। इससे मंदिर आने के पहले ही श्रद्धालु अपनी टिकट बुकिंग करा सकेंगे, जिससे यहां आने के बाद उन्हें परेशान नहीं होना पड़ेगा। अलग-अलग स्लॉट में करीब 50 श्रद्धालुओं को ऑनलाइन बुकिंग की जाएगी। इसमें समय का निर्धारण अभी नहीं किया है, लेकिन एक-दो दिन में वह भी कर लिया जाएगा। मंदिर समिति गर्भगृह में प्रवेश के लिए भी ऑनलाइन बुकिंग सुविधा शुरू करने जा रही है। इसके तहत सुबह 6 से दोपहर 12.30 बजे तक 6 स्लाट बनाए जा सकते हैं। प्रत्येक स्लाट में 50 लोगों को ऑनलाइन बुकिंग के जरिए गर्भगृह में प्रवेश दिया जा सकेगा।
फिक्स है 1500 की रसीद का कोटा
श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक बड़ा गणेश मंदिर के समीप स्थित मंदिर समिति के प्रोटोकाल कार्यालय पर बने काउंटर से 750 व 1500 रुपए जलाभिषेक की टिकट काटी जाती है। इसमें मंदिर के पुजारी, पुरोहितों के यजमान प्रोटोकॉल से आने वाले भक्त व अन्य श्रद्धालु शामिल रहते हैं। सभी के लिए कोटा फिक्स है। 6 घंटे के दौरान काउंटरों पर टिकट प्राप्त करने के लिए खासी भीड़ रहती है, जिससे काउंटरों पर दबाव बना रहता है। घंटों कतार में लगे रहने पर भी कई को टिकट नहीं मिलता, और विवाद होते हैं। इसीलिए ऑनलाइन टिकट और स्लाट सिस्टम चालू किया जाएगा।
250 वाली रसीद हो चुकी है ऑनलाइन
भस्म आरती में जाने से पहले सुबह क्यूआर कोड स्कैन करेंगे, गड़बड़ी हुई तो सीधे एफआईआर होगी
गर्भगृह में प्रवेश के लिए अभी व्यवस्था
मंदिर के गर्भगृह में नि:शुल्क प्रवेश मंगलवार से शुक्रवार तक दोपहर 1 से 4 बजे तक कराया जाता है। इस दौरान प्रोटोकॉल व्यवस्था और 250 की रसीद बंद रखी जाती है, लेकिन सुबह 6 से 12 बजे तक सशुल्क दर्शन व्यवस्था चालू रहती है। अन्य दिनों में गर्भगृह में जाकर जलाभिषेक करने के लिए 750 व 1500 रुपए के टिकट पर सुबह 6 से दोपहर 12 बजे तक तथा शाम को 6 से 8 बजे तक प्रवेश दिया जाता है। इस दौरान श्रद्धालुओं की ज्यादा भीड़ होने से व्यवस्था में बदलाव किया जाता है।