उज्जैन

यह है असली वृक्ष मित्र, बारिश में भी निभाया जिम्मा

पत्रिका के हरित प्रदेश अभियान: रिमझिम के बीच पौधों से संवरी धरा, हरिओम वृक्षमित्र मंडल ने विश्वविद्यालय परिसर में किया पौधरोपण, खरपतवार उखाड़ की पौधो की सुरक्षा

2 min read
Aug 25, 2019
patrika
madhya pradesh,Ujjain,hindi news,ujjain news,plantation,vikram univercity,

उज्जैन. पौधों से शृंगारित होने धरा ने अपनी नम चादर फैलाई तो आसमान ने भी हल्की बौछार कर प्रकृति प्रेमियों की पहल का अभिनंदन किया। कुछ एेसा ही नजारा विक्रम विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण के दौरान नजर आया। पर्यावरण संरक्षण के ध्येय के साथ प्रकृति प्रेमियों ने विभिन्न प्रजाति के पौधे तो लगाए ही, इनकी सुरक्षा व्यवस्था करने के साथ खरपतवार भी हटाए।

पत्रिका के हरित प्रदेश अभियान से जुड़कर रविवार को हरिओम वृक्षमित्र मंडल की ओर से देवासरोड विक्रम विश्वविद्यालय के इतिहास व माइक्रोबॉयलोजी डिपार्टमेंट परिसर में पौधरोपण किया। हल्की बारिश के बीच मंडल के सदस्यों ने कचनार, करंज, अमलतास आदि के 50 से अधिक पौधे रोपे। पौधरोपण के साथ ही मंडल ने इनकी सुरक्षा का संकल्प लिया। यही नहीं पूर्व में लगाए गए पौधों की देखरेख करते हुए इनके आसपास उगी खरपतवार को भी उखाड़ा। पौधरोपण करने वालो में मंडल के अजय भातखंडे, सुनील पेंडसे, मिलिंद लेले, कुलदीप मुंडे, प्रवीण साठे, श्रीकांत जोशी आदि शामिल थे।

नई पहल, जेब में रखेंगे ग्लोब्स

हरिओम वृक्षमित्र मंडल ने पौधों के रखरखाव को लेकर नई पहल की है। रविवार को मंडल के सदस्य ने अन्य सभी सदस्यों को खरपतवार उखाडऩे के लिए ग्लोब्ज वितरित किए। मंडल के सभी वृक्ष मित्र इन ग्लोब्ज को अपने साथ जेब में रखेंगे। प्रतिदिन मॉर्निंग वॉक के दौरान सदस्य ग्लोब्ज पहनकर घूमते-फिरते खरपतवार भी उखाड़ेंगे ताकि पौधे बेहतर तरीके से विकसित हो सके।

लगा, प्रकृति पुकार रही है

शहर में सुबह 5 बजे तेज बारिश हो रही थी। वृक्ष मित्र अजय भातखंडे ने बताया, मौसम को देख सुबह लगा कि पौधरोपण नहीं हो पाएगा लेकिन फिर लगा कि प्रकृति कह रही है कि पौधे नहीं लगाए तो मैं (प्रकृति) नहीं आउंगी। इसलिए पौधरोपण करने दृढ़ संकल्प कर लिया। सुबह 8 बजे वृक्षमित्र विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे एेसे स्थानों का चयन किया जहां पानी जमा नहीं हुआ था।

Published on:
25 Aug 2019 10:46 pm