
MP Vidhan Sabha Election 2028: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी एक बार फिर मध्य प्रदेश का दौरा कर सकते है। इस बार उनका दौरा उज्जैन में प्रस्तावित है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राहुल गांधी का फोकस अब मध्यप्रदेश में बढ़ गया है। यही कारण है कि इंदौर में 'छात्रों की गूंज' (Chhatron Ki Goonj) और बालाघाट (Balaghat) में बैगा आदिवासियों से मुलाकात करने के बाद अब वे उज्जैन आ सकते हैं।
मध्यप्रदेश में 2028 में विधानसभा चुनाव हैं। माना जा रहा है कि अभी से राहुल गांधी एमपी पर फोकस कर रहे हैं। वे शिक्षा,छात्रो के साथ स्वास्थ्य को लेकर लगातार मुद्दे उठा रहे हैं। वहीं सरकार में हुए घोटालों को भी मुद्दा बना रहे हैं। इसी सिलसिले में राहुल गांधी पिछले 12 दिनों में दो बार एमपी का दौरा कर चुके हैं। राहुल गांधी का उज्जैन दौरा प्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह सीएम डॉ. मोहन यादव का ग्रह जिला है।
सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी अक्टूबर के अंतिम हफ्ते या नवंबर माह में उज्जैन (Rahul Gandhi ujjain visit) आ सकते है। वह यहां ब्लॉक-मंडल अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे। राहुल गांधी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करेंगे और कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करेंगे। कांग्रेस सांसद उज्जैन में संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त हुए नए पदाधिकारियों के साथ रतलाम, शाजापुर, देवास, आगर मालवा, मंदसौर और नीमच जिले के कार्यकर्ताओं से भी संवाद करेंगे। इसके अलावा वह उज्जैन संभाग के कांग्रेस के पदाधिकारियों के साथ आगे की रणनीति को लेकर भी बैठक करेंगे। बता दें कि, राहुल गांधी का यह एक महीने में मध्य प्रदेश का तीसरा दौरा होगा।
गुरुवार को बालाघाट जिले के बैहर विधानसभा क्षेत्र के जगला गांव पहुंचे राहुल गांधी ने स्वास्थ्य और शिक्षा का मुद्दा उठाया था। उन्होंने उन बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात की थी। जिनके परिवारों में मलेरिया, खसा, कुपोषण और संक्रमण के कारण मौत हो चुकी है। इसी क्षेत्र में 34 से अधिक बच्चों की मौत बताई जा रही है। इसके बाद उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि हमारी सरकार आएगी तो इस गंभीर विषय पर विशेष फोकस किया जाएगा। उन्होंने आदवासियों को आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे लोकसभा में उठाएंगे।
इससे पहले 19 सितंबर को राहुल गांधी 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के लिए इंदौर आए थे। इसमें बड़ी संख्या में जेन-जी छात्र भी पहुंचे थे। कांग्रेस के दावे अनुसार करीब डेढ़ से दो लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। यहां उन्होंने शिक्षा और एजुकेशन सिस्टम सहित पितृसत्ता मानसिकता पर बात की थी। राहुल ने यहां 'स्मैश द पैट्रियार्की' (Smash the Patriarchy) कहा था जिसके बाद एमपी में जुबानी जंग तेज हो गई थी।
बता दें कि, मध्य प्रदेश में विधानसभा की 230 और लोकसभा की 29 सीटें है। लोकसभा की पूरी 29 सीटों पर भाजपा का कब्जा है। वहीं, विधानसभा की 165 सीटों पर भाजपा और 64 सीटों पर कांग्रेस के विधायक है। माना जा रहा है कि राहुल गांधी का लगातार एमपी आना इसी समीकरण को बदलने का प्रयास है। उसमे भी राहुल का फोकस मालवा और महाकौशल अंचल पर ज्यादा दिखाई दे रहा है जहां, कांग्रेस कमजोर मानी जाती है।