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‘पहले दाने हुए, फिर बीमारी बढ़ी और छिन गए बच्चे’, बालाघाट के पीड़ित परिवारों ने राहुल गांधी को बताया दर्द

Rahul Gandhi Balaghat Visit: पत्रिका के साथ पीड़ित परिवारों ने राहुल के साथ हुई बातचीत के अंश साझा किए, पीड़ित बोले- 'हमारे प्रति चिंता व्यक्त करना और हमारी समस्या को ऊपर तक पहुंचाने की बात करना अच्छा लगा।'
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rahul gandhi balaghat

tribal families share pain with rahul gandhi, आदिवासी परिवारों से बात करते राहुल गांधी (Source- Jitu Patwari X)

बालाघाट से अखिलेश ठाकुर की रिपोर्ट

Balaghat Tribal Families Rahul Gandhi: मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के ग्राम जगला में करीब 42 मिनट रूके राहुल गांधी से मृत बच्चों के परिजनों ने बातचीत के दौरान अपना दर्द साझा किया। साथ ही गांव में स्कूल व अस्पताल खुलवाने की मांग रखी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ग्राम जगला में करीब 35 पीड़ित परिवार से मिले। उनसे बातचीत की और उनकी पीड़ा को समझा। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक संजय उइके सहित ग्राम पंचायत धनुधनुवर्धा, अडोरी व मच्छुर्दा की सरपंच उपस्थित रहीं। राहुल से बातचीत के अंश को पीड़ित परिजनों ने ‘पत्रिका’ से साझा किया है।

हमारे दुख में शामिल हुए राहुल- देवांती

आदिवासी देवांती ने बताया कि हम लोगों के दु:ख में राहुल गांधी का शामिल होना, हमारे प्रति चिंता व्यक्त करना और हमारी समस्या को ऊपर तक पहुंचाने की बात करना अच्छा लगा। हम लोगों की पहली मांग है कि जिस परिवार को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है, उनको यथाशीघ्र मुआवजा दिया जाए। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर गांव में अस्पताल व स्कूल खोला जाए। ताकि बीमारी से असमय बच्चों की मौत न हो।

एंबुलेंस नहीं आने से समय पर नहीं मिला इलाज- चैन सिंह

ग्राम धुनधुनवर्धा के सरपंच चैन सिंह पुशाम ने बताया कि, महामारी से दर्जनभर से अधिक गांवों के मृत बच्चों के संबंध में राहुल गांधी से बात हुई। उनको बताया कि एम्बुलेंस नहीं आने से समय पर उपचार नहीं मिला, टीकाकरण नहीं हुआ और कुपोषण होने से बच्चों की मौत हुई। राहुल गांधी को बताया कि यहां के लोग किसानी कम मजदूरी अधिक करते हैं, जिससे उनकी आमदनी कम होती और बच्चे कुपोषण का शिकार होते हैं। अस्पताल और स्कूल नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं।

बच्चों को पहले दाने हुए फिर बीमारी बढ़ी- जिलसो बाई

मच्छुर्दा गांव की सरपंच जिलसो बाई ने बताया कि उन्होंने राहुल गांधी से बातचीत के दौरान बताया कि बच्चों को पहले दाने हुए, इसके बाद उनकी बीमारी ने गंभीर रूप लिया। समय पर उपचार नहीं मिला, जिससे उनकी मौतें हुई। चार ग्राम पंचायत के मृतक बच्चों के परिजनों को मुआवजा मिला है। शेष को नहीं मिला है। संख्या की बात करें तो करीब 20 परिवार हैं, जिनको मुआवजा मिलना बाकी है।

राहुल से नहीं मिल पाईं श्रुतु धुर्वे

जगला गांव की ही रहने वाली श्रुतु धुर्वे ने बताया कि वो राहुल गांधी से नहीं मिल पाईं। उनके नाती विष्णु की भी बीमारी से मौत हुई है। अगर राहुल गांधी से मिलतीं तो उन्होंने बतातीं कि मुआवजा नहीं मिला है, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी नहीं मिला है।

'राहुल बोले हाथ उठाओ'

राहुल गांधी से मिलने वाली ग्राम निवासी सुकरती, जंगली व दशवन परते ने बताया कि उन्होंने कहा कि जिसको-जिसको मुआवजा मिला है, वह हाथ उठाएं। वहां उपस्थित अधिकांश लोगों को राशि नहीं मिली थी। दशवन ने बताया कि मेरा एक बच्चा बीमारी से खत्म हुआ है। मुझे भी अभी तक मुआवजा नहीं मिला है।