उज्जैन

कन्या महाविद्यालय में अतिथियों का संदेश: नशे को कहें “ना”

Jan 31, 2026
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उज्जैन. शासकीय कालिदास कन्या महाविद्यालय, उज्जैन में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर मद्य निषेध संकल्प दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, उज्जैन संभाग, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। आयोजन का उद्देश्य छात्राओं में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाना और गांधीजी के नैतिक मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश देना रहा।

गांधीजी के विचार आज भी प्रासंगिक

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। मुख्य अतिथि ज्वाइंट डायरेक्टर श्री सतीश कुमार सोलंकी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी का व्यक्तित्व और उनके विचार आज भी समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता आंदोलन के समय थे। उन्होंने कहा कि गांधीजी द्वारा परिकल्पित सुराज्य सहअस्तित्व, सहभागिता और नैतिक जीवन मूल्यों के पालन से ही संभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मद्य निषेध जैसे अभियान समाज को स्वस्थ, सकारात्मक और जागरूक दिशा देने में अहम भूमिका निभाते हैं।

युवाओं की भूमिका पर जोर

महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. महेश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में नागरिक चेतना और जिम्मेदार सामाजिक सोच का विकास अत्यंत आवश्यक है। युवाओं को केवल अपने भविष्य के बारे में ही नहीं, बल्कि समाज के निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहकर समाज में सकारात्मक बदलाव की वाहक बनें।

सच्चा साहस नशे को ना कहने में है

अध्यक्षीय उद्बोधन में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. वंदना गुप्ता ने शहीद दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के जीवन का यह मोड़ अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ एक छोटा-सा गलत निर्णय पूरे भविष्य की दिशा बदल सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा, “नशा कभी समाधान नहीं होता-न दुख का, न तनाव का, न असफलता का। सच्चा साहस नशा करने में नहीं, बल्कि नशे को ‘ना’ कहने में है।इस अवसर पर मद्य निषेध विषय पर पोस्टर एवं स्लोगन निर्माण प्रतियोगिता तथा जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में वैष्णवी मालाकार ने प्रथम, अरीबाकुरेशी ने द्वितीय और सारा कुरेशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस प्रभारी श्रीमती मोनिका परमार ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. मीरा यादव ने व्यक्त किया। बड़ी संख्या में छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही।

Updated on:
31 Jan 2026 01:14 am
Published on:
31 Jan 2026 01:14 am