Social Media Doctor : उज्जैन में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, 8 क्लिनिक, अस्पताल, मेडिकल स्टोर और लैब सील की। सील अस्पताल दोबारा खुलने से मचा हड़कंप, अमानक दवाइयां भी बरामद।
Health Department Action : मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के अंतर्गत आने वाले बड़नगर इलाके में स्वास्थ्य विभाग ने फर्जी और नियमों के खिलाफ संचालित अस्पतालों, क्लिनिक और मेडिकल संस्थानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई जगहों को सील कर दिया है।
इस दौरान खरसौदकलां इलाके में स्थित वेदांता अस्पताल में ऐसा मामला सामने आया जिसने कार्रवाई में जुटी स्वास्थ्य विभाग की टीम को ही चौंका दिया। यहां के डॉक्टर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए मरीजों को इलाज संबंधी सलाह दे रहा था, फिलहाल टीम की ओर से कार्रवाई की गई है।
जांच में चौंकाने वाली बात जो सामने आई कि, अस्पताल संचालक डॉक्टर संदीप यादव के पास आयुर्वेद की डिग्री है, लेकिन इसके बावजूद भी वो एलोपैथिक मेडिसिन से मरीजों का धड़ल्ले से इलाज कर रहे थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम जब अस्पताल पहुंची तो वहां बड़ी संख्या में मरीज मौजूद थे, जिन्हें समझाइश देते हुए टीम ने रवाना किया। उन्हें बताया कि, जिस शख्स के पास इलाज करने की डिग्री ही नहीं, आखिर वो आपकी बीमारी ठीक कर कैसे सकता है? इसके बाद कार्रवाई करते हुए टीम ने अस्पताल से बड़ी मात्रा में अमानक और संदिग्ध दवाइयां भी बरामद की गईं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया। लेकिन इस मामले में एक चौंकाने वाली बात ये सामने आई कि, कार्रवाई के कुछ बाद ही अस्पताल दोबारा खुल गया। मामले की जानकारी मिलते ही टीम फिर मौके पर पहुंची और दोबारा अस्पताल को सील करना पड़ा। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और स्थानीय सिस्टम पर भी सवाल खड़े कर दिए।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी ए.के पटेल के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में डॉ. विक्रम रघुवंशी, डॉ. सोमेश प्रदीप, मेडिकल ऑफिसर सुयश श्रीवास्तव और विकास राजपूत सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम शामिल रही। कार्रवाई के दौरान एसडीएम धीरेंद्र पाराशर भी मौके पर मौजूद रहे।
स्वास्थ्य विभाग ने आरोग्यम क्लीनिक ग्राम खरसौद खुर्द, वेदांता अस्पताल खरसौद कला, देवकमल पॉली क्लीनिक, विशेष पैथोलॉजी, जय अम्बे पॉली क्लीनिक, सिसोदिया क्लीनिक चिरोला कला, संजीवनी अस्पताल रुनिजा, सरोज मेडिकल स्टोर, डॉ. दीपांकर क्लीनिक, महाकाल क्लीनिक और आरोग्य क्लीनिक पर कार्रवाई करते हुए सील किया।
सोशल मीडिया पर इलाज, बिना मान्य अनुमति के एलोपैथिक दवाइयों का इस्तेमाल और मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़… आखिर ऐसे अस्पताल इतने समय से कैसे संचालित हो रहे थे?