विवि में कार्यरत १०१ कर्मचारियों का वेतन का निर्धारण (फिक्सेशन) नहीं हुआ है।
उज्जैन. ऑडिट आपत्ति से रुका विवि के १०१ कर्मचारियों का वेतन, किया हंगामा...विक्रम विश्वविद्यालय में गुरुवार सुबह कर्मचारियों ने वेतन नहीं मिलने के चलते हंगामा कर दिया। विवि में कार्यरत १०१ कर्मचारियों का वेतन का निर्धारण (फिक्सेशन) नहीं हुआ है। छठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत वेतन का निर्धारण होना है। वहीं कई कर्मचारियों को अभी तक पांचवे वेतन का लाभ नहीं मिला है। कर्मचारियों का नहीं हुआ पाचवां व छठवां वेतन आयोग के तहत वेतन निर्धारण, समयमान के लिए भी परेशान।
रोक दिया वेतन
ऐसी तमाम खामियों के चलते ऑडिट ने कर्मचारियों का जनवरी माह का वेतन रोक दिया। इसके बाद सभी कर्मचारियों ने काम बंद कर हड़ताल कर दी। सभी ऑडिट विभाग में पहुंच गए। हंगामे की सूचना मिलते ही विवि के कुलसचिव डॉ. परीक्षित सिंह भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद वेतन देने की प्रक्रिया शुरू हुई। दरअसल, १०१ कर्मचारियों के चलते विवि के लेखा विभाग ने किसी कर्मचारी का वेतन नहीं तैयार किया। इस चक्कर में शिक्षक भी अपनी वेतनपर्ची के संबंध में एक-दूसरे से पूछते हुए नजर आए।
ऑडिट विभाग के अधिकारी से विवाद
वेतन रुकने की सूचना मिलते ही सभी कर्मचारी एकजुट होकर ऑडिट विभाग पहुंच गए। यहां पर कई कर्मचारियों का फिक्सेशन के बाद भी वेतन रोक दिया गया। वहीं जिन कर्मचारियों का फिक्सेशन नहीं हुआ है। उनका वेतन जारी किया जा रहा है। ऑडिट विभाग की ऐसी तमाम लापरवाहियों को लेकर कर्मचारियों व ऑडिट विभाग के अधिकारियों में विवाद हो गया। कुछ ने कर्मचारियों ने अधिकारियों को काफी खरी-खोटी तक सुना डाली।
सेवानिवृत्त कर्मचारी लगा रहे चक्कर
विवि में विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्त के बाद टेबल-टेबल घुमाया जाता है। विवि में आधा दर्जन से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। इनकी वित्तीय प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इस कारण इनका पेंशन शुरू नहीं हो पाई। साथ ही सेवानिवृत्त बाद मिलने वाला भुगतान रुका हुआ है।