
उज्जैन। कबाड़ से जुगाड़ ये वाक्य तो आपने सुना ही होगा, लेकिन शहर के इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने इसे चरितार्थ कर दिया है। नगर निगम की ओर से स्वच्छत भारत अभियान अंतर्गत कराई गई इस स्पर्धा में छात्र-छात्राओं ने वेस्ट मटेरियल से झूले, सीसॉ, स्वच्छता टैंक, ट्री-गार्ड, मंगल यान, चेयर से लेकर कई आकर्षक व उपयोगी आइटम बना दिए। सोमवार को ग्रांड होटल परिसर मेंं इन आइटमों का डेमो हुआ। चयन समिति ने इनका निरीक्षण कर लिस्टिंग की। गांधी जयंती के मौके पर टॉवर चौक पर आयोजित कार्यक्रम में विजेताओं को पुरुस्कृत किया जाएगा।
ये बोली महापौर
महापौर मीना जोनवाल, निगमायुक्त प्रतिभा पाल, अपर आयुक्त मनोज पाठक आदि ने विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए और कहा आगे भी निगम से जुड़कर एेसे ही नवाचार दिखाते रहें। कबाड़ से तैयार आइटमों को देखने अन्य लोग भी पहुंचे और विद्यार्थियों की हौंसला अफजाई की।
पुराने टायर, पाइप व प्लेट से बना ये
अवंतिका यूनिवर्सिटी हासामपुरा के विद्यार्थियों ने पुराने टायर, पाइप, प्लेट आदि वेस्ट से आकर्षक झूले, सीसॉ व बैठक आइटम निर्मित किए। डेमो देखने में यह किसी उद्यान जैसा लग रहा था।
कबाड़, डस्टबीन से बनाए ट्री गार्ड
निगम वर्कशॉप में रखे कबाड़ के डस्टबीन से शा. आईटीआई कॉलेज के होनहार विद्यार्थी शुभम ने ट्री-गार्ड तैयार कर दिए। बगैर किसी अन्य सामग्री का उपयोग किए इन्होंने डस्टबीन को ट्री-गार्ड का रूप दे दिया।
इसरो द्वारा छोड़ा गया मंगल यान
इसरो द्वारा मंगल ग्रह की परिक्रमा करने छोड़े गए मंगल यान की आकृति भी कबाड़ से निर्मित हुई। शा. इंजीनियरिंग कॉलेज की टीम ने आकर्षक ढंग से इसे बनाया।
सेना के टैंक जैसा स्वच्छता टैंक
प्रशांति इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी के विद्यार्थियों ने सेना के टैंक की भांति स्वच्छता टैंक निर्मित किया। साथ ही पुराने डस्टबीन को वेल्ड कर आकर्षक आकृति बनाई।
कबाड़ से भी ये भी जुगाड़
- प्लास्टिक की पानी टंकी को काटकर इसकी चेयर बना दी।
- टंकी में ऊपर लकड़ी का गेट व अंदर पार्टीशन देकर सेल्फ तैयार कर दी।
- कबाड़ के पहियों व लोहे से टम-टम गाड़ी (जीप) निर्मित की।
- प्रदर्शनी में दर्जनभर जुगाड़ मॉडल प्रदर्शित हुए।