उज्जैन

बड़ी पार्टी के बड़े नेता ने तोड़ा महाकाल मंदिर का बड़ा नियम, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

Mahakal Temple: केंद्र में भाजपा की अलायंस पार्टनर तेलगुदेशम पार्टी के नेता पट्टाभि राम कोमारेड्डी ने महाकाल मंदिर के बड़े नियम को तोड़ा जिसकी तस्वीर उन्होंने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट की थी।

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Dec 19, 2024

Mahakal Temple: मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में अक्सर बड़े सेलिब्रिटी और नेता बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए आते रहते है। कई बार ऐसा हुआ है कि इन सेलिब्रिटीज और नेताओं ने मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश न करने के नियम को तोड़ा है जिनकी लिस्ट काफी लंबी है। इस लिस्ट में अब केंद्र में भाजपा की अलायंस पार्टी तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेता पट्टाभि राम कोमारेड्डी का शामिल हो गया है।

उन्होंने महाकाल मंदिर के शिवलिंग के पास पूजा करते हुए अपनी फोटो सोशल मीडिया पर भी अपलोड की। हालांकि, मामले को तूल पकड़ता देख उन्होंने फोटो को डिलीट कर दिया। विवाद बढ़ने के बाद उज्जैन के कलेक्टर नीरज सिंह ने जांच के आदेश दिए है। मामले की जांच एसडीएम द्वारा की जाएगी जहां सबसे पहले सीसीटीवी फुटेज को चेक किया जा रहा है।

सोशल मीडिया में किया फोटो पोस्ट

पट्टाभि राम कोमारेड्डी टीडीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और स्वच्छ आंध्र कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष है। वह महाकाल मंदिर में महाकालेश्वर भगवान के दर्शन करने के लिए आए थे। दर्शन करते हुए वह मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश कर गए जहां डेढ़ साल से जाने में मनाही है। उन्होंने वहां करीब 6 मिनट तक पूजा की और उसकी फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की। उन्होंने फोटो पोस्ट कर लिखा कि 'बड़े सौभाग्य की बात है मैंने महाकालेश्वर मंदिर में पूजा की और महाकाल भगवान् का अभिषेक किया।' सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके फोटो में कमेंट कर इस वीआईपी कल्चर की आलोचना की। विवाद को बढ़ता देख टीडीपी नेता ने पोस्ट डिलीट कर दिया।

पहले भी हो चुका है नियम का उल्लंघन

यह पहली बार नहीं जब नेताओं ने इस नियम का उल्लंघन किया गया हो। इससे पहले महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे ने 18 अक्टूबर को यह नियम तोड़कर गर्भ गृह पूजा-अर्चना की थी। इस नियम को लागू करने के 2 कारण है। पहला कारण है कि महाकाल लोक बनने से रोजाना 20-30 हजार लोग दर्शन करने आते है जिसकी वजह से भगदड़ मच जाने का डर रहता है। दूसरा सबसे अहम कारण है शिवलिंग के क्षरण को रोकना।

Published on:
19 Dec 2024 07:59 pm
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