गुरुवार को पंजीयन का अंतिम दिन होने के चलते संपूर्ण प्रदेश से भारी मात्रा में आवेदन पंजीयन होने के कारण पंजीयन की साइट भी दिनभर बार-बार बंद चालु होती
खाचरौद. किसानों की गेहूं की फसल को समर्थन मुल्य 1735 रुपए पर खरीदने के बाद मुख्यमंत्री उत्पादकता प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 235 रुपए बोनस देने की घोषणा किए जाने के बाद से ही तहसील के नगर सहित अन्य चार केन्द्रों पर किसानों ने अपनी फसल विक्रय हेतु पंजीयन कराने के लिए जबरदस्त भीड़ देखी गई। वहीं गुरुवार को पंजीयन का अंतिम दिन होने के चलते संपूर्ण प्रदेश से भारी मात्रा में आवेदन पंजीयन होने के कारण पंजीयन की साइट भी दिनभर बार-बार बंद चालु होती रही। जिस कारण पंजीयनकर्ता द्वारा किसानों के फार्म इकट्ठे किए गए, जिन्हें रात्रि में ऑनलाइन किया गया।
शासन द्वारा तहसील में गेहूं को समर्थन मुल्य पर खरीदी हेतु पांच केन्द्र बनाए गए हैं। जिसमें एक केन्द्र नगर में तथा अन्य चार केन्द्र ग्राम घिनोदा, चिरोला, नरेड़ीपाता एवं नरसिंहगढ़ में बनाए गए हैं तथा इन्हीं केन्द्रों पर किसानों को अपना पंजीयन कराना था। शासन ने इसके लिए एक माह का समय निर्धारित किया था जो 15 जनवरी से 15 फरवरी तक था, किंतु किसानों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया था। जैसे ही मुख्यमंत्री ने विगत दिवस भोपाल के किसान सम्मेलन में समर्थन मुल्य पर बोनस देने की घोषणा करने के बाद किसानों ने पंजीयन में रूची दिखानी शुरू की।
केन्द्रों पर पंजीयन की यह हैं स्थिति
शासन द्वारा तहसील में बनाए गए पांच केन्द्रों में खाचरौद केन्द्र पर गुरुवार तक 435 किसानों का पंजीयन किया तथा 600 आवेदन फार्म अभी और रखे हुए हैं, जबकि विगत वर्ष स्थानीय केन्द्र पर 968 किसानों का पंजीयन हुए हैं। इसी प्रकार ग्राम घिनोदा केन्द्र पर 408 किसानों का पंजीयन तथा 317 फार्म, जबकि विगत वर्ष घिनोदा केन्द्र पर 759 किसानों का पंजीयन हो चुके हैं, ग्राम चिरोला केन्द्र पर 400 किसानों का पंजीयन तथा 265 फार्म और रखे हुए हैं, जबकि विगत वर्ष चिरोला केन्द्र पर 488 किसानों का पंजीयन हो चुके, ग्राम नरेड़ीपाता केन्द्र 148 किसानों का पंजीयन तथा 150 फार्म रखे हैं, जबकि विगत वर्ष नरेड़ीपाता केन्द्र पर 306 किसानों का पंजीयन एवं ग्राम नरसिंहगढ़ स्थित केन्द्र पर 405 किसानों का पंजीयन हुआ तथा 375 फार्म रखे हैं, जबकि विगत वर्ष नरसिंहगढ़ केन्द्र पर 548 किसानों का पंजीयन हो चुका हैं। जो भी फार्म ऑनलाईन नहीं हुए हैं, यदि वह रात्रि में ऑनलाईन हो जाते हैं तो तहसील के पांचों केन्द्रों पर इस वर्ष कुल 3503 नवीन किसानों का पंजीयन होगा। विगत वर्ष कुल 3069 किसानों का पंजीयन हुआ था। इस तरह इस वर्ष कुल 6572 किसानों को उक्त योजना का लाभ मिलेगा।
पटवारी ने नहीं
सौंपी रिपोर्ट
शासन आदेशानुसार क्षेत्र के पटवारी को तहसील के किसानों के खेतों का सर्वे कर भूमि एवं फसल के संबंध में वास्तविक जानकारी अपनी रिपोर्ट बनाकर उसे सत्यापित कर पंजीयन प्रारम्भ होने के पूर्व तक प्रदान करना थी, परंतु पटवारी ने गुरुवार तक जानकारी केन्द्रो पर उपलब्ध नहीं कराई हैं। जिससे केन्द्र पर पंजीयन करने वाले अधिकारियों को पंजीयन करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।