मंदिर के स्वच्छ आइकॉन के तमगे को बरकरार रखने एनएचडीसी ने ७.९२ करोड़ में से पहली किस्त जारी की
उज्जैन. देश के धर्म स्थलों में स्वच्छ आइकॉन पैलेस के रूप में चयनित महाकाल मंदिर अब और दमकेगा। मंदिर की सफाई व्यवस्था व अन्य सुविधा के लिए एनएचडीसी (नर्मदा हाईड्रोइलेक्ट्रिक डवलपमेंट कार्पोरेशन) की ओर से हुए एमओयू के तहत पहली किस्त के रूप में चार करोड़ रुपए की राशि मंदिर प्रशासन को मिली है। इससे मंदिर में साफ-सफाई के आधुनिक मशीनरी सहित अन्य उपकरण पर खर्च किए जाएंगे।
एनएचडीसी ने नंवबर २०१७ में महाकाल मंदिर समिति से साफ-सफाई व अन्य सुविधाओं के विस्तार के लिए ७.९२ करोड़ रुपए का एमओयू साइन किया था। इसके तहत मंदिर समिति की ओर से मंदिर में किए जाने वाले स्वच्छता कार्यों के प्रोजेक्ट एनएचडीसी को भेजे जाने थे। इसके आधार एनएचडीसी द्वारा राशि का भुगतान किया जाना था। समिति ने मंदिर में किए जाने कार्यों की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के बाद एनएचडीसी ने चार करोड़ रुपए की राशि समिति के खाते में जमा करवा दी। अगले महीनों में शेष ३.९२ करोड़ रुपए की राशि भी मिलेगी। वहीं मंदिर में इस मद से खर्च की गई १.०६ करोड़ रुपए का भी भुगतान किया जा चुका है। बता दें, मंदिर स्वच्छ आयकन पैलेस के रूप में चयनीत होने पर केंद्र सरकार ने एनएचडीसी का महाकाल मंदिर के लिए नामित किया। नवरत्नों में से एक एनएचडीसी अपने सीएसआर में यह राशि मंदिर के स्वच्छता व इससे जुड़े कार्यों के लिए दे रही है।
एनएचडीसी के साथ हुए एमओयू के तहत ४ करोड़ मिले, जो मंदिर की सफाई व इससे जुड़े कार्यों पर खर्च होंगे। अगले दिनों में शेष ३.९२ करोड़ भी मिल जाएंगे। यह मंदिर में बेहतर साफ-सफाई और स्वच्छता आइकन पेलेस के रूप में चयन होने पर मिली है।
संकेत भोंडवे, कलेक्टर, उज्जैन
यह कार्य किए जाएंगे