दो महीने में तैयार होगा शहर का पहला बायोमेथेनेशन प्लांट, प्रतिदिन ३०० किलोवॉट बिजली हो सकेगी पैदा
उज्जैन. शहर की सब्जी मंडियां रोज कई मीट्रिक टन कचरा उगलती हैं। अब तक यह कचरा गंदगी के रूप में ही देखा जाता था, लेकिन अब यह बिजली पैदा करने वाला कीमती बायो वेस्ट कहलाएगा। शहर की मंडियों का कचरा एक दिन में इतनी बिजली पैदा कर सकेगा कि इससे मक्सीरोड की सब्जी मंडी की बिजली खपत की पूर्ति हो सकेगी।
स्मार्ट सिटी अंतर्गत सब्जी, फल आदि के वेस्ट से बिजली पैदा करने वाला बायोमेथेनेशन प्लांट स्थापित किया जा रहा है। १.९४ करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह शहर का पहला ऐसा प्लांट होगा जो कचरे से बिजली बनाएगा। मक्सीरोड सब्जी मंडी क्षेत्र में प्लांट निर्माण शुरू हो चुका है और इसे २५ जून तक पूरा करने का प्रयास है।
७ मंडियों से ५ मीट्रिक टन कचरा
५ मीट्रिक टन कचरे की क्षमता के मान से बायोमेथेनेशन प्लांट तैयार किया जा रहा है। शहर की सात सब्जी मंडियों से प्रतिदिन ५ मीट्रिक टन कचरा कलेक्ट कर प्लांट पर लाया जाएगा। इतने कचरे से ३२० क्यूबिक मीटर गैस प्रतिदिन जनरेट होगी। इतनी गैस से ३०० किलोवॉट बिजली प्रतिदिन पैदा हो सकगी। मसलन महीने में ९ हजार यूनिट बिजली मिल सकेगी। जानकारों के अनुसार यह इतनी मात्रा है कि जिससे पूरे महीने मक्सीरोड सब्जी मंडी को बिजली सप्लाई हो सकती है।
विद्युत कंपनी को देंगे बिजली
प्राथमिक योजना अनुसार प्लांट से पैदा होने वाली बिजली विद्युत वितरण कंपनी को दी जाएगी। बाद में इस बिजली की राशि को नगर निगम के बिजली बिल में कम कर लिया जाएगा। इसके अलावा भी बिजली उपयोग को लेकर अन्य योजना तैयार हो सकती है।
मिलेगी डेढ़ टन खाद
बिजली के साथ ही सब्जी के कचरे से प्रतिदिन डेढ़ टन (१५०० किलो) कम्पोस्ट खाद भी बन सकेगी। इसके उपयोग को लेकर योजना बनाई जा रही है। एक विचार यह भी है कि खाद को सब्जी विक्रेताओं को दे दिया जाए जिसे वह सब्जी के एवज में किसानों को लौटा सकें। ऐसा होने पर योजना से सब्जी विक्रेता व किसानों को सीधा लाभ मिलेगा वहीं खेतों तक कम्पोस्ट खाद भी पहुंच सकेगी। बिजली निर्माण की प्रक्रिया में प्रतिदिन करीब ६ हजार लीटर पानी भी निकलेगा।
इनका कहना
शहर की सब्जी मंडियों से निकलने वाले वेस्ट का उपयोग कर बिजली उत्पन्न की जाएगी। इसके लिए बायोमेथेनेशन प्लांट स्थापित किया जा रहा है। संबंधित एजेंसी को जल्द निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
- अवधेश शर्मा, सीईओ स्मार्ट सिटी कंपनी