उज्जैन

एमपी के इस शहर को मिलेगा देश का पहला आयुर्वेदिक एम्स, खुद सीएम मोहन ने कर दी घोषणा

Ayurved AIIMS : एमपी की पहली मेडिसिटी के बाद उज्जैन में आयुर्वेद एम्स खुलेगा। केंद्रीय बजट में देश में तीन आयुर्वेद एम्स खोले जाने का ऐलान हुआ था, जिसके बाद बुधवार को सीएम मोहन यादव ने उन्हीं में से एक आयुर्वेदिक एम्स उज्जैन में खोले जाने की घोषणा कर दी है।

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उज्जैन को मिलेगा देश का पहला आयुर्वेदिक एम्स (photo source- Patrika)

Ayurvedic AIIMS Ujjain :मध्य प्रदेश को जल्द ही एक और एम्स की सौगात मिलने वाली है। लेकिन, इस एम्स उज्जैन की खास बात ये होगी कि, ये आयुर्वेद का एम्स होगा। इसकी घोषणा खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की है। दरअसल, सीएम मोहन ने उज्जैन के दशहरा मैदान में आयोजित 6 दिवसीय वन मेले का शुभारंभ किया। ये वन मेला 11 से 16 फरवरी 2026 तक चलेगा। वन मेले के शुभारंभ अवसर पर सीएम ने कहा कि, पीएम नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से महाकाल की नगरी उज्जैन को आयुर्वेदिक एम्स की सौगात मिलेगी।

प्रदेश की पहली मेडिसिटी के बाद अब उज्जैन में आयुर्वेद का एम्स (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस) खुलेगा। केंद्रीय बज' में देश में तीन आयुर्वेद एम्स खोले जाने का ऐलान हुआ था, जिसके बाद बुधवार को सीएम मोहन यादव ने उन्हीं में से एक आयुर्वेदिक एम्स उज्जैन में खोले जाने की घोषणा कर दी है। कालिदास अकादमी में हुए कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कहा, समुद्र मंथन में निकले रत्नों में से एक भगवान धन्वंतरि भी हैं। धन्वंतरि से उज्जैन कैसे अछूता रह सकता है।

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तीन में से एक आयुर्वेद एम्स एमपी को मिला

मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा- हजारों साल पहले जब समुद्र मंथन हुआ था, उस समय मंथन के दौरान कई प्रकार के रत्न निकले थे। उनमें से भगवान धन्वंतरि भी प्रकट हुए थे। ऐसे में भगवान धनवंतरी से उज्जैन कैसे अछूता रह सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से देश में खुलने वाले 03 आयुर्वेदिक एम्स में से एक मध्य प्रदेश को भी मिला है, जो उज्जैन में खोला जाएगा।

'महाकाल की नगरी में बह रही विकास की गंगा'

सीएम यादव ने कहा कि, आने वाले समय में उज्जैन महानगर बनने जा रहा है। यहां चारों तरफ से 4 लेन और 6 लेन सड़े बनाई जा रही हैं। आवागमन की सुविधा के लिए कई पुल भी बन रहे हैं। शिप्रा तट पर छोटे पुल के समीप ही एक अन्य पुल का निर्माण उसके आगे वीर दुर्गादास की छत्री से रणजीत हनुमान मंदिर तक पुल निर्माण के साथ 04 लेन मार्ग, श्री अंगारेश्वर मंदिर और सिद्धवट को जोड़ने के लिए पुल निर्माण, भैरवगढ़ से पीपली नाका को जोड़ने के लिए समानांतर पुल निर्माण समेत कई पुलों का निर्माण हो रहा है। सीएण ने कहा कि, अगर कुल मिलाकर देखें तो महाकाल की नगरी में विकास की गंगा बह रही है।

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Updated on:
12 Feb 2026 06:13 pm
Published on:
12 Feb 2026 11:13 am
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