उज्जैन

कार्तिक-अगहन माह में महाकाल की दूसरी सवारी आज, चंद्रमौलेश्वर बन देंगे दर्शन

Ujjain Mahakal ki Sawari: सावन-भादौ की तरह कार्तिक-अगहन मास में निकाली जाती है बाबा महाकाल की सवारी, आज 11 नवंबर को दूसरी बार नगर भ्रमण पर निकलेंगे महाकाल, शाम 4 बजे निकाली जाएगी सवारी...
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Nov 11, 2024
Ujjain Mahakal Sawari
आज चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में भक्तों का हाल जानने निकले बाबा महाकाल, एक साथ दो सवारियों हैं खास। (फोटो: पत्रिका)

Ujjain Mahakal Ki Sawari: सावन-भादौ की तरह कार्तिक-अगहन मास में बाबा महाकाल की सवारियां निकाली जाती हैं। इसी क्रम में 11 नवंबर को दूसरी सवारी निकाली जाएगी।

शाम 4 बजे से महाकाल की सवारी आरंभ होगी, इसके बाद विभिन्न मार्गों से होती हुई सवारी रामघाट पर पहुंचेगी, जहां पूजन-अर्चन के बाद सवारी पुन: आगे रवाना होगी।

मुख्य द्वार पर दी जाएगी सलामी

इस दौरान मुख्य द्वार पर सशस्त्र बल की टुकड़ी अवंतिकानाथ को सलामी देगी। इसके बाद सवारी शिप्रा तट की ओर रवाना हो जाएगी। अवंतिकानाथ तीर्थ पूजन के बाद शिप्रा के राणौजी की छत्री घाट से होते हुए गणगौर दरवाजा से नगर में प्रवेश करेंगे।

इन मार्गों से गुजरेगी महाकाल की सवारी

उज्जैन महाकाल की सवारी मंदिर परिसर से निकलकर कोटमोहल्ला, गुदरीचौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए शाम 5 बजे मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट पहुंचेगी।

शिप्रा जल से किया जाएगा अभिषेक

यहीं पर पुजारी भगवान महाकाल का शिप्रा जल से अभिषेक और पूजा-अर्चना करेंगे। पूजन के बाद सवारी रामघाट से शिप्रा के राणौजी की छत्री घाट, रविदास घाट होते हुए शिप्रा नदी पर बने छोटे पुल के रास्ते गणगौर दरवाजा से नगर प्रवेश करेगी।

इसके बाद मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती समाज का जगदीश मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबारोड, टंकी चौराहा, छत्रीचौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होते हुए शाम को 7.00 बजे पुन: महाकाल मंदिर पहुंचेगी।

14 नवंबर को हरि मिलन की सवारी

आगामी सवारियां क्रमशः तृतीय सवारी 18 नवंबर तथा 25 नवंबर को निकाली जाएंगी। हरिहर मिलन की सवारी 14 नवंबर को रात 11 बजे मंदिर से चलकर श्री द्वारकाधीश (गोपाल मंदिर) तक जाएगी।

-गणेश कुमार धाकड़, प्रशासक


Updated on:
11 Nov 2024 09:23 am
Published on:
11 Nov 2024 09:23 am