
Mahakal Temple Doraemon AI Video: विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर को लेकर गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एआई जनरेटेड वीडियो ने सनसनी मचा दी। बच्चों के फेमस कार्टून कैरेक्टर डोरेमॉन(Doraemon) को मंदिर परिसर में घूमते और गर्भगृह तक पहुंचते दिखाने वाले इस वीडियो पर मंदिर प्रबंधन ने कड़ी आपत्ति जताते हुए साइबर सेल से जांच और एफआईआर की तैयारी शुरू कर दी है।
वीडियो(AI Video) में दिखाया गया है कि गर्भगृह की देहलीज पर खड़ा एक गार्ड जूते पहने डोरेमॉन को बिना टिकट प्रवेश से रोकता है। इसके बाद डोरेमॉन बाहर जाकर 250 रुपए का टिकट खरीदता है और गर्भगृह में प्रवेश कर शिवलिंग पर मत्था टेकता है। इसी क्षण शिवलिंग से भगवान महाकाल ज्योतिपुंज के रूप में प्रकट होते हैं और मंदिर के ऊपरी हिस्से से निकलकर गायब हो जाते हैं।
मंदिर से जुड़े पुजारियों और पुरोहितों ने इस वीडियो पर तीखी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थल की पवित्रता के साथ इस तरह का मज़ाक अस्वीकार्य है। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने इसे आस्था से खिलवाड़ बताते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। कौशिक ने बताया कि एआई तकनीक से वीडियो को गलत तरीके से एडिट किया गया है। वीडियो में गार्ड को जूते पहने दिखाना और टिकट की बिक्री का झूठा चित्रण करना मंदिर की छवि को धूमिल करने की कोशिश है। उन्होंने कहा, मंदिर में इस तरह के वीडियो बनाना या धार्मिक स्थल को मनोरंजन के रूप में दिखाना पूरी तरह अनुचित और अस्वीकार्य है।
वीडियो में कई झूठी बातें दिखाई गईं, जैसे गार्ड को जूते पहने दिखाना, गर्भगृह में 250 रुपए की टिकट से प्रवेश कराना और खुले स्टॉल से टिकट की बिक्री। हकीकत में मंदिर में न तो कोई व्यक्ति जूते पहनकर चांदी द्वार तक जा सकता है और न ही टिकट इस तरह बेचे जाते हैं।
महाकाल मंदिर के पुजारी महेश शर्मा ने कहा, यह वीडियो सनातन धर्म पर कुठाराघात और शर्मनाक है। डोरेमॉन जैसे कैरेक्टर का धार्मिक स्थल में प्रवेश दिखाना धर्म का अपमान है। इसे तुरंत हटाया जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो।
इस तरह के वीडियो से मंदिर की पवित्रता और छवि पर आघात होता है। जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में साइबर सेल को जांच सौंपी जाएगी और एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।- प्रथम कौशिक, प्रशासक, महाकाल मंदिर समिति।