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सिंहस्थ-2028 के लिए विशेष तैयारी, झाबुआ से उज्जैन स्थानांतरित हुआ पुलिस के घुड़सवारों का पूरा दल

Simhastha 2028 Ujjain- उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 के लिए पूरे अमले का तबादला कर दिया गया। पुलिस के 11 घोड़े, 18 जवान और 42 साल का इतिहास समेटे उज्जैन में नजर आएंगे...।

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उज्जैन

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Manish Geete

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Ashish Singh Sikarwar

Jun 22, 2026

Simhastha 2028 Ujjain

Simhastha 2028 Ujjain- उज्जैन के सिंहस्थ में झाबुआ का पूरा अश्वरोधी दल नजर आएगा। (फोटो-एआई जनरेटेड)

ujjain simhastha 2028- कभी झाबुआ पुलिस की शान रहे अश्वरोही दल की टापें जल्द ही उज्जैन की सड़कों पर भी सुनाई देंगी। प्रदेश सरकार ने उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 के लिए झाबुआ में पदस्थ संपूर्ण दल का उज्जैन तबादला कर दिया है। जल्द ही यह दल उज्जैन जिले में पदस्थ हो जाएगा। तबादले के आदेश जारी भी हो गए हैं।

सिंहस्थ-2028 के लिए राज्य सरकार अभी से तैयारियों में जुट गई है। इसे लेकर उज्जैन समेत आसपास के जिलों में भी पुलिस और जिला प्रशासन कुछ दिनों से सक्रिय हैं, सभी जिलों में अपने स्तर पर सुरक्षा का प्लान भी बनाया जा रहा है, वहीं बैठकों का भी दौर हो रहा है। इसी कड़ी 42 वर्षों से झाबुआ में पदस्थ अश्वरोही दल का तबादला उज्जैन कर दिया है। इस दल के लिए उज्जैन लाइन में भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं।

झाबुआ आरआइ अखिलेश राय ने बताया कि 1984 से झाबुआ में दल पदस्थ था। वर्तमान में यहां 11 अश्व और उनकी देखभाल के लिए 18 स्टाफ सदस्य तैनात हैं। इन्हें विशेष वाहन से स्टाफ व अश्व उज्जैन रवाना होंगे। ये दल एसआइ रवींद्र पंवार के नेतृत्व में उज्जैन रवाना होगा।

यह विशेष दस्ता है

यह दस्ता आम नहीं होता है। इसमें शामिल अश्व अपराध नियंत्रण और भीड़ संभालने के लिए उच्च स्तर पर प्रशिक्षित होते हैं। वर्तमान में यह दस्ता उज्जैन, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, रतलाम, खरगोन जैसे बड़े या चुनिंदा केंद्रों पर ही उपलब्ध है।

झाबुआ में क्यों थी जरूरत

वर्ष 1984 में जब इस दल की स्थापना की गई थी, तब झाबुआ जिले में सडक़ों का बहुत कम जाल बिछा था। रास्ते पथरीले थे। दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों में त्वरित पहुंच के लिए घुड़सवार पुलिस सबसे कारगर माध्यम थी, लेकिन जिले में सड़कों का जाल बिछ चुका और आधुनिक संसाधन भी आ गए हैं। ऐसे में इस दल को सिंहस्थ में व्यवस्था संभालने के लिए स्टाफ सहित स्थानांतरित कर दिया गया है।

आदेश जारी गए हैं

सड़कों की कमी व अंचल में पहुंच के लिए अश्वरोही दल की आवश्यकता थी, इसी कारण दल को यहां पदस्थ किया गया था। अब सड़कों का जाल बिछने व आधुनिक संसाधनों के कारण दल की अब यहां ज्यादा जरूरत नहीं दिखती है। ऐसे में विभाग ने दल को उज्जैन भेजने का आदेश दिया है।
-अखिलेश राय, आरआइ, झाबुआ

तैयारी तेज

झाबुआ अश्वरोही दल का उज्जैन तबादला हो गया है। आदेश हो गए हैं। उज्जैन लाइन में तैयारियां की जा रही हैं। जल्द ही व्यवस्था कर दी जाएगी।
-रंजीत सिंह, आरआइ, उज्जैन