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PM आवास योजना: EWS, LIG, MIG वर्गों को अलग- अलग मिलेंगे फ्लैट, उज्जैन में बनेंगे 814 फ्लैट

PM Awas Yojana 2.0: योजना को अभी अंतिम मंजूरी भी नहीं मिली है, लेकिन इसके बावजूद 2 हजार से अधिक लोग फ्लैट पाने के लिए आवेदन कर चुके हैं।

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PM Awas Yojana falt: उज्जैन में बनेंगे 814 फ्लैट (Photo Source - Patrika)

PM Awas Yojana falt: उज्जैन में बनेंगे 814 फ्लैट (Photo Source - Patrika)

PM Awas Yojana falt: प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत एमपी के उज्जैन शहर में श्री महाकालेश्वर मंदिर से करीब दो किलोमीटर दूर नीलगंगा स्थित कवेलू कारखाना परिसर में 814 सुविधायुक्त फ्लैटों का निर्माण प्रस्तावित है। खास बात यह कि केंद्र सरकार से अंतिम स्वीकृति मिलने से पहले ही इन फ्लैटों के लिए 2 हजार से अधिक लोग आवेदन कर चुके हैं। महाकाल मंदिर के नजदीक होने से इस परियोजना को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

नगर निगम प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत नीलगंगा स्थित कवेलू कारखाना परिसर में 260 करोड़ रुपए की लागत से बहुमंजिला आवासीय परियोजना विकसित करने जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत कुल 814 फ्लैट बनाए जाएंगे, जिनमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), निम्न आय वर्ग (एलआईजी) और मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) के लिए अलग-अलग श्रेणियां होंगी। परियोजना को मेयर इन काउंसिल की मंजूरी मिल चुकी है और अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया है। योजना को अभी अंतिम मंजूरी भी नहीं मिली है, लेकिन इसके बावजूद 2 हजार से अधिक लोग फ्लैट पाने के लिए आवेदन कर चुके हैं।

4 हेक्टेयर में विकसित होगी आधुनिक टाउनशिप

परियोजना के तहत लगभग चार हेक्टेयर क्षेत्र में अलग-अलग ब्लॉकों में बहुमंजिला इमारतों का निर्माण होगा। परिसर में चौड़ी सड़कें, सार्वजनिक सुविधाएं और सुनियोजित आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा, जबकि मंदिर और तालाब क्षेत्र को अलग रखा जाएगा।

कमर्शियल प्लॉट से होगी वित्तीय मजबूती

निगम ने परियोजना में करीब 12 बड़े व्यावसायिक भूखंड भी प्रस्तावित किए हैं, जिनका आकार 5 से 8 हजार वर्गफीट तक होगा। इनका उपयोग होटल, रेस्टोरेंट या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा। इसके अलावा 20 दुकानों का निर्माण भी होगा। इनसे होने वाली आय को परियोजना के वित्तीय प्रबंधन में उपयोग किया जाएगा।

पुराने अनुभव से सीख लेना होगी बड़ी चुनौती

निगम की योजना बड़ी सौगात साबित हो सकती है, लेकिन पूर्व की पीएम आवास योजनाओं के अधूरे प्रोजेक्ट चिंता का विषय हैं। कानीपुरा में ईडब्ल्यूएस ब्लॉक पूरा होने के बावजूद एलआईजी और एमआईजी परियोजनाएं वर्षों से अधूरी हैं, जबकि मंछामन में 288 फ्लैटों का निर्माण आठ साल बाद भी पूरा नहीं हो सका। ऐसे में नीलगंगा परियोजना की सफलता समय पर निर्माण और मजबूत वित्तीय प्रबंधन पर निर्भर करेगी। कमर्शियल ह्रश्वलॉट और दुकानों से होने वाली आय इस दिशा में निगम के लिए सहायक साबित हो सकती है।

अलग-अलग वर्गों के लिए अलग फ्लैट

ईडब्ल्यूएस - 206 फ्लैट: 375 वर्गफीट, 1 बीएचके, अनुमानित कीमत 10 से 12 लाख रुपए। पात्र हितग्राहियों को सरकारी सब्सिडी का लाभ मिलेगा।

एलआईजी - 304 फ्लैट: 950 वर्गफीट, 2.5 बीएचके, अनुमानित कीमत 25 से 30 लाख रुपए। बैंक ऋण पर निर्धारित छूट मिलने की संभावना रहेगी।

एमआईजी - 304 फ्लैट: 1200 वर्गफीट, 3 बीएचके, अनुमानित कीमत 45 से 50 लाख रुपए। बैंक लोन पर नियमानुसार रियायत का प्रावधान संभावित है।