जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जनजागरण, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी शिप्रा संरक्षण को बताया सामूहिक जिम्मेदारी, जल बचाने का लिया संकल्प
उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर आस्था और जागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद एवं अवनीश्री जनकल्याण एवं शिक्षण संस्था के संयुक्त तत्वावधान में विधिवत पूजन-आरती का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य आमजन में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना था।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर शिप्रा नदी की आरती कर उसकी स्वच्छता और संरक्षण का संकल्प लिया। धार्मिक वातावरण के बीच जल संरक्षण का संदेश प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम संयोजक पूनम दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत इस प्रकार के आयोजन लोगों को जागरूक करने के लिए किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और इसके संरक्षण के बिना भविष्य सुरक्षित नहीं रह सकता। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद की अजीता परमार ने शिप्रा नदी के संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए। वहीं नगर विकास समिति अध्यक्ष प्रियंका जोशी ने जल संकट की गंभीरता को समझते हुए लोगों से जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने जल संरक्षण का संकल्प लिया और शिप्रा नदी को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने का संदेश दिया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही जल स्रोतों का संरक्षण संभव है। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में नई जागरूकता भी पैदा की। अंत में आयोजकों ने सभी सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की बात कही।