
नागदा. शहर से पांच किलोमीटर दूर स्थित ग्राम रूपेटा में रविवार सुबह ११.३० तेज गति से आ रहा वाहन पलटी खा गया, इसमें सवार ११ लोग घायल हो गए। घायलों में ६ महिला एवं ५ पुरूष हैं। जिन्हें उपचार के लिए शासकीय अस्पताल नागदा लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद ४ लोगों को गंभीर अवस्था में जिला चिकित्सालय रैफर किया गया। मंडी पुलिस ने वाहन चालक के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार वाहन एमपी १४ बीडी ३००९ नागदा से गांव नापाखेड़ी जिला रतलाम की ओर जा रहा था। उसी दौरान रूपेटा में टर्न लेते समय शराब दुकान के समीप तूफान वाहन पलटी खा गया। वाहन में सवार थानाबाई पति रामसिंह (६५), धर्मकुंवर पति नारायण (४०), कालीबाई पति भगवान (६५), थानाकुंवर पति करणसिंह (७०), मुन्नाबाई पति नखरसिंह (६०), अनंतकुंवर पति नागूसिंह (३५), धनसिंह पिता पूरणसिंह (६४), भगवानसिंह पिता सरदारसिंह (६०), सभी निवासी नापाखेड़ी के अलावा नखरसिंह पिता उदेसिंह (६०), सरदारसिंह पिता बापूसिंह (४५) निवासी बड़ौद, तालूसिंह पिता मुकेश (२१) निवासी पाटन घायल हो गये।
शासकीय अस्पताल नागदा में प्राथमिक उपचार के बाद कालीबाई, मुन्नाबाई, अनंतकुंवर व नखरसिंह को जिला चिकित्सालय रेफर किया गया है। बाकि को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। बताया जा रहा है कि यह सभी लोग एक मांगलिक कार्यक्रम में से अपने घर लौट रहे थे।
भारत कॉमर्स उद्योग श्रमिकों को मिलेगी राशि
नागदा. बंद हो चुके भारत कामर्स उद्योग के श्रमिकों के लिए खुश खबर है। उद्योग के श्रमिकों के बकाया वेतन किस्श् अब जल्द जारी होगी। इनके १६१ श्रमिकों को ५८ वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त कर बकाया राशि दो किश्त बाद रोक दी गई थी।
इसके बाद हाइकोर्ट इंदौर में कामरेड करणसिंह पंवार व एक महिला श्रमिक द्वारा केस दर्ज करवाया था। कोर्ट ने फैसला श्रमिकों के हक में देते हुए १६१ श्रमिकों को राशि का परिसमापक देने का आदेश दिया है। परिसमापक को सहयोग करने के लिए एक कमेटी भी बनाई गई है। कमेटी में मौजूद सदस्य श्रमिकों की बकाया राशि का आंकलन कर उन्हें भुगतान करवाने में सहयोग करेगी। पीडि़त मजदूरों को परिसमापक कमेटी सदस्यों के समक्ष आवेदन करना होगा। कमेटी सदस्यों के पास आवेदन करने के तीन माह के भीतर श्रमिकों का रुका भुगतान हो सकेगा।
ऐसे करें आवेदन : बकाया राशि वाले १६१ श्रमिकों को कामरेड पंवार या सीधे परिसमापक इंदौर कार्यालय में जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ ही भारत कामर्स में किए गए कार्य के संबंधित दस्तावेजों को परिसमापक कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। उक्त पूरी प्रक्रिया में श्रमिकों को करीब ३ माह का इंतजार करना होगा। दस्तावेजों की जांच व सत्यापन के बाद श्रमिकों को बकाया राशि का भुगतान हो सकेगा।