मोटरयान व्यवसायियों को जारी किए गए निर्देश
उमरिया. जिला परिवहन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988, केन्द्रीय मोटरयान नियम 1989, सड़क मार्ग द्वारा वाहन अधिनियम 2007 एवं नियम 2010 , मध्यप्रदेश मोटरयान नियम 1994 तथा रेंट एक कैब योजना 1989 और रेंट एक मोटर साईकिल योजना 19987 में मोटरयान व्यवसाय से जुडे विभिन्न व्यवसायियो ं/ व्यौहारियों द्वारा अपने करोबार के प्रयोजन के लिए संबंधित क्षेत्रीय / जिले के रजिस्ट्रीकर्ता प्राधिकारी से व्यवसाय प्रमाण पत्र लेकर व्यवसाय संचालित करने संबंधी प्रावधान दिये गये हैं। इस आधार पर व्यवसायियो ं/ व्यौहारियों को व्यवसाय प्रमाण पत्र / रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र / अनुज्ञप्ति लेना अनिवार्य होगा। जिला परिवहन अधिकारी द्वारा चैंसिस पर ट्रक / ट्राली / टैंकर / बसों की बॉडी निर्माण करने वाले, मोटरयान के वर्कशॉप / गैराज मालिक, वित्त पोषक, मोटरयान पार्टस के विक्रेता, कार डेकोरेटर्स / वाहनों की ऐसेसीरिज का विक्रय करने वाले जैसे वाहनों के शीशों पर फिल्म चढ़ाने वाले, वाहनों पर हार्न / भोंपू लगाने वाले, हूटर, लाईट्स, बैटरी, वाहनों के टायर का विक्रय करने वाले, वाहनों पर बंपर गार्ड लगाने वाले व्यवसायी, पुराने वाहनों का क्रय-विक्रय करने वाले व्यवसायी, वाहनों का विनिष्टकरण करने वाले व्यवसायी, माल वाहन, माल का संग्रहण, भंडारण, प्रेषण और वितरण करने वाले व्यवसायी, लोकसेवा यान जैसे बड़ी टैक्सी, मोटर टैक्सी, ठेका गाड़ी और मंजली गाड़ी के कारोबार में संलग्न ट्रेवल अभिकर्ता, मोटर कैब/ मोटर साईकिल को किराये पर देने का व्यपार करने वाले सभी व्यवसायियों से कहा गया है कि पत्र / नोटिस के प्राप्त होने के दस दिवस के अंदर जिला परिवहन कार्यालय से व्यवसाय प्रमाण पत्र / रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र / अनुज्ञप्ति प्राप्त करना सुनिश्चित करें अन्यथा वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।