शौचालय घोटाला
उमरिया. नौरोजाबाद में हुए बहुचर्चित शौचालय घोटाले में पुलिस ने नगर पंचायत अध्यक्ष सुमन गौंटिया सहित छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीबद्ध किया है। आरोपियों में पूर्व और वर्तमान सीएमओ, दो उपयंत्री तथा ठेकेदार शामिल हैं। जिन्हे कलेक्टर द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम की जांच में घोटाले का जिम्मेदार पाया गया था। टीम द्वारा प्रतिवेदन सौंपे जाने के बाद पुलिस ने इन सभी पर गैर अपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है। बताया जाता है कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत नगर पंचायत नौरोजाबाद के 660 पात्र हितग्राहियों के घरों में शौचालयों का निर्माण किया जाना था, जिसमें बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायतों के बाद कलेक्टर माल सिंह द्वारा अभिषेक पांडेय नायब तहसीलदार बांधवगढ़, भारतेन्दु सिद्धार्थ गौतम नायब तहसीलदार पाली तथा सुनील सिंह भदौरिया नायब तहसीलदार मानपुर की टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए गए। जांच में टीम ने पाया कि कई हितग्राहियों के यहां शौचालयों का निर्माण ही नहीं हुआ वहीं कई अधूरे बने हुये मिले। जबकि पूरी राशि आहरित कर ली गई। बताया गया कि नगर पंचायत द्वारा 68 शौचालयों में 8 लाख 32 हजार 320 रुपये की अनियमितता की गई। प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर द्वारा आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इस मामले में नपं अध्यक्ष सुमन गौंटिया, तत्कालीन सीएमओ ओमपाल सिंह भदौरिया, वर्तमान सीएमओ जितेन्द्र सिंह परिहार, उपयंत्री सोमवती तिवारी, मनोज श्रीवास्तव एवं ठेकेदार संजय कुमार साहू पर धारा 409, 420, 467, 468, 471 एवं 120बी का अपराध दर्ज किया गया है।
दस दिन बाद दर्ज हुआ मामला
उमरिया. प्रतिबंध के बावजूद बोरवेल से खनन कार्य किए जाने पर राजस्व अमले ने बीते सोमवार को कार्यवाही की थी। इस दौरान स्थानीय कुछ लोगो ने राजस्व अमले को बातों में उलझाकर मौके से बोरवेल मशीन एवं सपोर्ट वाहन को फरार कर दिया था। इस मामले में राजस्व निरीक्षक गणेश प्रसाद पांडेय की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी रज्जू मिश्र ग्राम दमोय, मुन्ना खान ग्राम अमरपुर, बोरवेल मशीन चालक नटराजन तमिलनाडु एवं सपोर्ट वाहन चालक मनिकनन्ड़ तमिलनाडु के विरुद्ध धारा 379, 188, 186 ताहि व मप्र पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 3/9 के तहत घटना के दस दिनों बाद कार्यवाही कर मामला कायम किया है। इस मामले में पुलिस अब मामले में शामिल चारों आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है, साथ ही घटना के दौरान जिस मशीन एवं सपोर्ट वाहन को मौके से फरार करने में आरोपी कामयाब हुये है, उसे भी जब्त करना पुलिस के लिए चैलेंज बना हुआ है।