विदेशी श्रद्धालु भी ट्रस्ट में निर्धारित शुल्क देकर प्रज्वलित करा सकते हैं कलश
चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन बिरसिंहपुर पाली स्थित कल्चुरी कालीन आदिशक्ति जगत जननी मां बिरासिनी देवी मंदिर में अपर कलेक्टर शिवगोविंद सिंह मरकाम, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह ओहरिया ने मां विरासिनी की विधि विधान से पूजा अर्चना की तत्पश्चात गर्भगृह में घट स्थापित की। अपर कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत ने मनोकामना कलश की रसीद कटवा कर जवारे कलश का शुभारंभ भी किया।
विदित हो कि जिले के जनपद मुख्यालय पाली स्थित मां विरासिनी देवी का मंदिर वर्ष भर श्रद्धालुओं की श्रद्धा का केंद्र रहता है लेकिन नवरात्रि के दौरान बिरसिंहपुर पाली स्थित मंदिर में महिसासुर मर्दिनी रूप में विराजी मां विरासिनी मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। मंदिर में हजारो कलश की भी स्थापना की जाती है। मंदिर में देश के ही नहीं बल्कि विदेशी श्रद्धालु भी मंदिर ट्रस्ट में नियत शुल्क जमा कराकर कलश प्रज्जवलित कराते है। मां विरासिनी देवी के नवरात्रि पर विभिन्न नौ रूपों में दर्शन श्रद्धालु करते हैं। महाअष्टमी के दिन देवी का विशेष श्रृंगार किया जाता है जो स्वर्ण जडित होता है।
10वीं शताब्दी में कल्चुरी राजाओं ने कराया था मंदिर का निर्माण
बिरसिंहपुर पाली में स्थित बिरासनी माता के मंदिर का निर्माण 10वीं शताब्दी में कल्चुरी राजाओं द्वारा किया गया था। पाली स्थित मां विरासिनी मंदिर कटनी, शहडोल रेल एवं सड़क मार्ग पर पड़ता है। ऐसा माना जाता है कि श्रद्धालुओं द्वारा कलश पूजन एवं दीपक जलाने से उनकी मनोकामनाएं पूरी होती है। रामनवमी के दिन काली नृत्य के साथ भव्य जवारा कलश यात्रा निकाली जाती है, जिसमें जिले सहित अन्य जगहों से श्रद्धालुगण शामिल होते है। इसके साथ ही चैत्र की बैठकी के दिन जिला मुख्यालय के ज्वालामुखी मंदिर, शारदा देवी मंदिर, वैष्णो देवी मंदिर, शाकाम्भरी देवी मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में प्रात: काल से ही भक्तों की भीड़ दर्शन के लिए उमड़ी। यह सिलसिला सुबह से देर रात तक चलता रहा। मंदिरों में घट स्थापना का सिलसिला बैठकी से प्रारंभ हो गया है जो आगामी नौ दिनों तक चलता रहेगा। साथ ही बैठक के दिन भक्तों ने अपने अपने घरों में भी जवारे कलश स्थापित किए हैं। इसी तरह नौरोजाबाद के उचेहरा धाम तथा चंदिया में चंडिका माता मंदिर में भक्तों की भीड़ माता की पूजा अर्चना करने पहुंची एवं परिवार की सुख समृध्दि की कामना की।