उमरिया

छोटे स्टेशनों में नहीं फुटओवर ब्रिज की सुविधा

दुर्घटना की आशंका
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Jul 19, 2018
No footage bridge facility in small stations
छोटे स्टेशनों में नहीं फुटओवर ब्रिज की सुविधा

उमरिया. जिले के ग्रामीण रेलवे स्टेशनों में आज भी समस्याओं का अंबार लगा हुआ है, लेकिन रेल प्रशासन द्वारा यहां सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं। जबकि इन स्टेशनों में कई पैसेंजर रेल गाडिय़ां रुकतीं हैं और ग्रामीण यहां से यात्राएं प्रारंभ करते हैं तथा दूर दराज की यात्रा कर यहां उतरते भी हैं। घुनघुटी, मुंदरिया, बंधवाबारा आदि स्टेशन ऐसे हैं, जहां यात्रियों के एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए फुट ओवर ब्रिज तक नहीं है। यात्री ट्रैक में घुसकर सामान सहित एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म में जाते हैं। जिससे दुर्घटना का हमेशा भय बना रहता है। स्टेशनों का न तो रखरखाव होता है और न यात्रियों के लिए पेयजल की व्यवस्था रहती है। यहां नल लगे देखे जाते हैं लेकिन वे चलते कम ही हैं। यहां छाया की भी कमी है। छोटे-छोटे शेड बनाकर छोड़ दिए गए हैं। एक अन्य समस्या यहां प्रकाश व्यवस्था की है। छोटे स्टेशनों में रात को प्रकाश व्यवस्था पर्याप्त नहंी रहती। हमेशा भय बना रहता है। आधे प्लेटफार्म की लाइट जलती है आधे में बंद रहती है। रात के समय उतरने अथवा ट्रेन पकडऩे वाले यात्रियों को खासतौर पर उन्हे जिनके साथ परिजन भी होते हैं। उन्हे काफी परेशानियां उठानी पड़तीं हैं। गत वर्ष रेलवे बिलासपुर मण्डल द्वारा छोटे स्टेशनों के विकास का निर्णय लिया गया था, लेकिन इस पर अमल नहीं हो सका। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के इन स्टेशनों में भी यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिला रेल यात्री संघ अध्यक्ष जितेन्द्र गुप्ता ने कहा कि इस ओर वरिष्ठ पदाधिकारियों का पत्र के माध्यम से ध्यान भी आकृष्ट कराया गया, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।
इनका कहना है
रेलवे बोर्ड के मानकों के अनुसार स्टेशनों में सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। कुछ छोटे स्टेशनों में फुटओवर ब्रिज बनाने के निर्णय लिए गए हैं।
अंबिकेश साहू, पीआरओ, बिलासपुर रेल मंडल।

Published on:
19 Jul 2018 05:57 pm