उमरिया में लावारिस हालत में सैकड़ों आधार कार्ड और बैंक के कागजात मिलने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस लापरवाही की जांच करने के लिए शहडोल संभाग के डाक अधीक्षक महेंद्र सिंह खुद मंगलवार को उमरिया पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। यह मामला 14 फरवरी को सामने आया था, जब […]
उमरिया में लावारिस हालत में सैकड़ों आधार कार्ड और बैंक के कागजात मिलने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस लापरवाही की जांच करने के लिए शहडोल संभाग के डाक अधीक्षक महेंद्र सिंह खुद मंगलवार को उमरिया पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। यह मामला 14 फरवरी को सामने आया था, जब शहर के वार्ड नंबर 19 में तालाब के पास आधार कार्ड, बैंक की डाक और अन्य जरूरी कागजात लावारिस पड़े मिले थे।
कोतवाली पुलिस ने इन दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की थी। इतनी बड़ी तादाद में लोगों के निजी दस्तावेज फेंके जाने से डाक विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। घटनास्थल का मुआयना करने और पुलिस से जानकारी लेने के बाद डाक अधीक्षक महेंद्र सिंह ने इसे लापरवाही बताया है। उन्होंने साफ कहा कि डाक को इस तरह खुले में फेंकना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग अब इन दस्तावेजों पर लिखे नंबरों के जरिए यह पता लगा रहा है कि डाक किस कर्मचारी को बांटने के लिए दी गई थी। डाक अधीक्षक ने भरोसा दिलाया है कि विभाग ने अपनी आंतरिक जांच शुरू कर दी है। जैसे ही दोषी कर्मचारियों की पहचान होगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और डाक विभाग मिलकर सभी तथ्यों की जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो।