संजय गांधी ताप विद्युत गृह का मामला
मंगठार. मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध निदेशक मंजीत सिंह संजय गांधी ताप विद्युत गृह के एक दिवसीय निरीक्षण पर पहुंचे। उनके साथ तकनीकी टीम सहित समस्त विभागों के प्रमुख उपस्थित रहे। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह पूर्व में घटी घटनाओं में हुई क्षति का अनुमान लगाने एवं तकनीकी सहित अन्य कारणों का पता लगाने का निरीक्षण है।
बताया गया कि मंगलवार की शाम से तकनीकी टीम सहित समस्त विभागों के प्रमुख जबलपुर से पंहुचने लगे थे, वही बुधवार दोपहर प्रबंध निदेशक मंजीत सिंह के पंहुचते ही सभी लोग प्लांट के लिए रवाना हो गए। सर्वप्रथम इकाई क्रमांक एक में निरीक्षण किया गया। यह इकाई एक महीने पूर्व ट्यूब का पानी सूखने से बंद हो गई थी। इसमें लगभग 11 किलोमीटर ट्यूब का नुकसान होना बताया जा रहा है, जिससे प्रतिदिन लाखों रुपयों का नुकसान हो रहा है। यह गलती थी या तकनीकी खराबी तकनीकी टीम की जांच के बाद ही पता चल पाएगा। पूर्व में भी जांच टीम आई थी जिसकी जांच का आजतक कुछ पता नहीं चला। यहां से निकलकर परियोजना के अधिकारियों से भेंट कर राखड़ डेम निरीक्षण के लिए रवाना हो गए। गौरतलब है कि परियोजना की इकाई क्रमांक 2 ओवर हालिंग एवं 1 नंबर इकाई ट्यूब की खराबी के कारण बंद पड़ी है। तीन इकाइयों से 814 मेगावाट बिजली एवं हाइडल से 20 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
प्रबंध निदेशक ने सबसे पहले बायलर में जाकर इकाई का निरीक्षण किया, फिर राखड़ डेम से रेल द्वारा राखड़ का परिवहन किए जाने बनाए जा रहे डाइक का निरीक्षण कर परियोजना की इकाई क्रमांक दो के लगातार सौ दिन चलने पर कंट्रोल रूम के अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
शशिकांत मालविया, मुख्य अभियंता उत्पादन संजय गांधी ताप विद्युत गृह