
उमरिया. कमिश्नर शहडोल संभाग राजीव शर्मा ने कहा है कि जल क्रांति अभियान जीवन व श्रृष्टि को बचानेे का अभियान है। पृथ्वी पर हम और आप अकेले नहीं रहते हंै। असंख्य पेड़, पौधे जीव जंतु, फसलें, औषाधीयां, पशु पक्षी भी रहते हैं। इन सभी को बचाने के लिये हम सबको मिलकर पानी को बचाना होगा, पानी के बागैर जीवन नहीं चल सकता। वे बुधवार को उमरिया में जल क्रांति अभियान की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हमें कुओं, बावडिय़ों, नलकूपों की साफ सफाई कर उनमें जल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण कर जल संरक्षण करना होगा। पानी का निर्माण कोई भी सरकार या ताकत नहीं कर सकती है। पानी को सुरक्षित रखने के लिये हम सभी को मिलकर पानी को बचाना होगा। जल संरचनाओं की साफ सफाई कर जल पुनर्भरण संरचनायें बनाकर वर्षा के जल को बचाकर इसे धरती के अंदर भेजने के प्रयास करने होंगे।
उन्होंने कहा कि शहडोल संभाग के सभी नगारिक यह संकल्प लें कि वे कुओं और नलकूपों को मरने नहीं देंगे। बल्कि कुओं में जल पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण कर उन्हें जीवित रखेंगे। कमिष्नर ने अभियान में अच्छा कार्य करने वाले शासकीय कर्मचारी सरला सिंह एवं रानू गुप्ता को सम्मानित भी किया।
अभियान में उमरिया जिले को करेंगे अव्वल : कलेक्टर
बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर बुद्धेश कुमार वैद्य ने कहा कि जल क्रांति और फुटबाल क्रांति देश में नहीं विदेशों में चर्चित है। मुझे इस पवित्र कार्य मे सहभागी बनने का सौभाग्य मिला है, जल बचाना पुनीत और पवित्र कार्य है। इसमें हम सबको मिलकर कार्य करना चाहिये। उन्होंने कहा कि शहडोल संभाग के उमरिया जिलाग्रेडिंग में नीचे क्यों है इस पर मनन करूंगा तथा जल क्रांति अभियान, फुटबाल क्रांति अभियान में उमरिया जिला अव्वल रहे, इसके प्रयास करूंगा। समीक्षा के दौरान संयुक्त संचालक कृषि एवं नोडल अधिकारी जल क्रांति अभियान जे एस पेंद्राम ने बताया कि संभाग में 982 कुएं जल पुनर्भरण के लिये अभी तक चिन्हित किये गये हैं। चिन्हित कुओं में जल पुनर्भरण संरचनाओ का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। समीक्षा बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी इला तिवारी, संयुक्त आयुक्त मदन सिंह कनेश, ग्राम पंचायतों के सरपंच, उद्यानिकी विभाग, कृषि विभाग, जलसंसाधन विभाग, ग्रामीण यंात्रिकी विभाग के मैदानी अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।