उन्नाव के आशीष मिश्रा ने इसरो के चंद्रायन 3 टीम का हिस्सा बने। सफल सॉफ्ट लैंडिंग के बाद उनके घर में जश्न का माहौल रहा। आशीष की मां शिक्षा विभाग से रिटायर हुई है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव के रहने वाले आशीष मिश्रा ने चंद्रयान-3 टीम का हिस्सा बनकर जिले का नाम रोशन किया। चंद्रयान तीन की सफलता के साथ ही आशीष मिश्रा के घर पर खुशियों का माहौल था। मिठाइयां बांटकर एक दूसरे का मुंह मीठा कराया गया। घर वाले बेटे की सफलता से खुश है। आवास विकास कॉलोनी के रहने वाले आशीष मिश्रा की मां रिटायर्ड शिक्षक है। जिन्होंने आईआईटी बॉम्बे से मास्टर डिग्री हासिल की।
आशीष मिश्रा की मां प्रतिभा मिश्रा ने बताया कि आशीष मिश्रा के चंद्रायन 3 टीम का हिस्सा बनने पर उन्हें गर्व है। चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद भी आशीष से बातचीत हुई है। उसके बाद वह अपने काम में लग गए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बेटे का सपना पूरा होते ही मां-बाप का सपना अपने आप पूरा हो जाता है। बच्चों की सफलता में ही मां-बाप की सफलता है।
प्रारंभिक शिक्षा उन्नाव में हुई
आशीष मिश्रा की प्रारंभिक शिक्षा सेंट लॉरेंस और सेंट जूड्स स्कूल में हुई है। आईआईटी बॉम्बे से मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद विज्ञान क्षेत्र में उन्होंने विशेषज्ञता हासिल की। 2008 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन 'इसरो' में काम करना शुरू किया।
विश्व में पहली बार भारत पहुंचा चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर
23 अगस्त बुधवार को इसरो का चंद्रयान-3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग को सफलतापूर्वक पूरा किया। दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला भारत विश्व का पहला देश है। आशीष मिश्रा की सफलता ने उन्नाव वासियों को गौरवान्वित होने का अवसर दिया।