
फोटो सोर्स- उन्नाव पुलिस
Unnao Aadhar card scam: उन्नाव में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमानत लेने वाले की रोग का खुलासा किया गया है, जिसमें दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। जिनके पास से 11 फर्जी आधार कार्ड प्राप्त किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सिटी मजिस्ट्रेट के यहां फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक अभियुक्त को जमानत की जमानत दी गई है। फर्जी आधार कार्ड बनाने के लिए अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया। आधार कार्ड बनाने के लिए होने वाला पुलिस वेरिफिकेशन किसी थाने पर नहीं गया, जबकि थाने की रिपोर्ट लगी हुई है। मामले की जांच की जा रही है। देखा जा रहा है कि इस गिरोह में कितने लोग शामिल हैं। घटना सदर कोतवाली क्षेत्र की है।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव के पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले संजय और उनके चाचा जयप्रकाश ने तहरीर देकर बताया कि उनके नाम से सिटी मजिस्ट्रेट किया फर्जी दस्तावेज लगाकर जमानत कराया गया है। मुख्य अभियुक्त गुफरान को जेल भेजा गया था जिसके ऊपर छह मुकदमे हैं, जिसे 14 दिन के लिए जेल भेजा गया था। इसी के जमानत के लिए फर्जी दस्तावेज लगाकर जमानत करा लिया गया था।
इसमें गुफरान की भी मिली भगत थी। इसमें अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिनमें मुख्य अभियुक्त जिसका जमानत कराया गया था गुफरान पुत्र इकबाल निवासी काशीराम कॉलोनी थाना कोतवाली सदर और सोहेल अहमद पुत्र वकील अहमद निवासी शेखवाड़ा कोतवाली सदर उन्नाव शामिल है। सोहेल अहमद की उम्र 60 साल है। जिनके पास से आठ फर्जी मोहर, एक इंक पेड और 11 आधार कार्ड बरामद किए गए हैं, गुफरान के खिलाफ सदर कोतवाली में 6 मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने बताया कि अभी इसकी जांच की जा रही है कि इस गैंग में और कितने लोग शामिल हैं? एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि आधार कार्ड बनाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का उपयोग किया गया है, जिनमें अलग-अलग मोबाइल नंबर भी लिखे गए हैं। थाने पर कोई भी वेरिफिकेशन के लिए कागज नहीं गया था, जबकि अचलगंज थाने की वेरिफिकेशन रिपोर्ट लगाी हुई है, जिसमें थानाध्यक्ष और सब इंस्पेक्टर के हस्ताक्षर भी फर्जी हैं।
Updated on:
07 Apr 2026 08:39 pm
Published on:
07 Apr 2026 08:39 pm
