
फोटो सोर्स- उन्नाव पुलिस
Assam Police in Unnao: असोम पुलिस ने उन्नाव पुलिस के सहयोग से दो को गिरफ्तार किया है, जिनके ऊपर असोम के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन उल्फा आई को फंडिंग करने का आरोप है। दरअसल असोम पुलिस पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के बाद उन्नाव पहुंची थी। असोम के तिनसुकिया जिले के मार्गेरीटा थाना क्षेत्र स्थित पुलिस कमांडो कैंप पर बीते 22 मार्च को अंधाधुंध फायरिंग की घटना हुई थी, जिसमें कई कमांडो घायल हो गए थे। जांच में यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ़ असोम इंडिपेंडेंस (उल्फा आई) का नाम सामने आया था।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में असोम पुलिस ने दस्तक दी जब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलकर सहयोग मांगा। सदर कोतवाली पुलिस और असोम पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने मोहम्मद नूर को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही मौके पर मौजूद सुभान अहमद पुत्र अनीस अहमद निवासी नया चौक मूलगंज थाना कानपुर को भी हिरासत में लिया गया।
तिनसुकिया जिले के मार्गेरीटा थाना क्षेत्र में स्थित पुलिस कमांडो कैंप पर बीते 22 मार्च को अंधाधुंध फायरिंग की घटना हुई थी। जिसमें प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन अल्फा आई का नाम सामने आया था। जांच एजेंसी ने छात्र नेता सहित संगठन के पांच लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनसे पूछताछ में उन्नाव के रहने का नाम सामने आया। जिसको गिरफ्तार करने के लिए असोम पुलिस उन्नाव पहुंची। मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।
नूर मोहम्मद सदर कोतवाली क्षेत्र के तकी नगर मोहल्ला निवासी लड्डन के मकान में पिछले 14 वर्षों से रह रहा है। कोविद-19 संक्रमण काल के दौरान 2021 में हुआ सदर कोतवाली क्षेत्र के ही बुधवारी मोहल्ले में ठेकेदार शादाब के यहां रहने आ गया। यहां पर उसने दूसरी मंजिल पर 10 हजार रुपए महीने तीन कमरे किराए पर लिया। शुरुआत में अपनी पत्नी और दो बेटों के साथ भी रहता था, लेकिन बाद में उसने पत्नी और बच्चों को ससुराल जयपुर भेज दिया। नूर मोहम्मद मूल रूप से हबीबगढ़ कुतुब शेर सहारनपुर का रहने वाला है।
नूर मोहम्मद के विषय में जानकारी प्राप्त की गई। नूर मोहम्मद दही थाना क्षेत्र अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र में पेट फूड बनाने की फैक्ट्री है। इसके पहले लखनऊ-कानपुर हाईवे पर स्थित विशाल धर्म कांटा के निकट लगाई थी, करीब डेढ़ साल चलाने के बाद दूसरी जगह चला गया। बताया गया कि फैक्ट्री की आड़ में नूर मोहम्मद कई अन्य गतिविधियों में शामिल था। असोम पुलिस नूर मोहम्मद के साथ फैक्ट्री मैनेजर सुभान अहमद निवासी कानपुर को भी गिरफ्तार किया है।
इधर आतंकवादी संगठन को फंडिंग करने का मामला सामने आने के बाद उन्नाव पुलिस भी सतर्क हो गई है। एजेंसी नूर मोहम्मद के विषय में जांच कर रही है। जानकारी हुई कि जेल से छूटने के बाद नूर मोहम्मद ने औद्योगिक क्षेत्र दही में डॉग फूड फैक्ट्री स्थापित कर दी, लेकिन इस फैक्ट्री के पास ना तो उद्योग विभाग की स्वीकृति है और ना ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया गया। जांच एजेंसी नूर मोहम्मद के संपर्कों को भी तलाश रही है।
Updated on:
29 May 2026 01:21 pm
Published on:
29 May 2026 01:21 pm
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